वाराणसी में बर्ड फ्लू की आशंका ने बड़ाई वाराणसी के लोगो की चिंता , चिकन दुकानदारों फिर होगी परेशानी

वाराणसी के पिंडरा बाजार में शुक्रवार को आधा दर्जन कौवे मृत मिले ,जानकारी मिलते ही क्षेत्र में दहशत का माहौल बना है। लोग बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर डरे सहमे हैं। हालांकि कौवों की मौत कैसे हुई, यह जांच का विषय है लेकिन इस तरह की घटना से प्रशासनिक महकमे की बेचैनी भी बढ़ गई है। उधर सूचना मिलते ही पशु चिकित्साधिकारी के निर्देश पर पहुंची पशु चिकित्साधिकारियों की टीम मौत के कारणों की जांच में जुटी है।

वाराणसी में बर्ड फ्लू की आशंका ने बड़ाई वाराणसी के लोगो की चिंता , चिकन दुकानदारों फिर होगी परेशानी
वाराणसी में बर्ड फ्लू की आशंका ने बड़ाई वाराणसी के लोगो की चिंता , चिकन दुकानदारों फिर होगी परेशानी

वाराणसी के पिंडरा बाजार में शुक्रवार को आधा दर्जन कौवे मृत मिले ,जानकारी मिलते ही क्षेत्र में दहशत का माहौल बना है। लोग बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर डरे सहमे हैं। हालांकि कौवों की मौत कैसे हुई, यह जांच का विषय है लेकिन इस तरह की घटना से प्रशासनिक महकमे की बेचैनी भी बढ़ गई है। उधर सूचना मिलते ही पशु चिकित्साधिकारी के निर्देश पर पहुंची पशु चिकित्साधिकारियों की टीम मौत के कारणों की जांच में जुटी है।

बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद प्रदेश भर में अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वांचल में सोनभद्र और फिर पिंडरा में कौवों के मरने की घटना के बाद लोग बर्ड फ्लू की आशंका होने की चर्चा तो कर रहे हैं लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि सोनभद्र में मृत मिले कौवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बर्ड फ्लू नहीं मिला। शुक्रवार सुबह रोजाना की तरह लोग पिंडरा बस स्टॉप के पास खड़े थे, तभी वहां एक कौवा आकर गिरा। पहले तो लोग कुछ समझ नहीं पाए बाद में उसे बचाने की कोशिश में लगे ही थे कि उसकी मौत हो गई। कुछ ही देर बाद गांव के ही एक बागीचे में आधा दर्जन कौवों के मृत मिलने सूचना मिली। आसपास के लोग भागकर बगीचे में गए तो देखा कि कौवे मृत अवस्था में जमीन पर पड़े हैं। ग्रामीणों के मुताबिक इसकी सूचना वन विभाग को भी दी गई। जब शाम तक कोई नहीं आया तो ग्रामीणों ने कौवों को दफना दिया।

बर्ड फ्लू के दहशत ने राजधानी लखनऊ के हजारों चिकन दुकानदारों की परेशानी बढ़ा दी। चिकन खाने वालों की सतर्कता ने चिकन कारोबार को मद्दा कर दिया है। यही वजह रही कि शुक्रवार को लखनऊ के चिकन मंडी में खरीददार गायब रहे। लिहाजा मुर्गा, अंडा, बकरा की मांग आधे से कम पर पहुंच गई। इस दौरान चिकन के रोजाना कारोबार में 60 फीसदी तक गिरावट रही।

चिकन मंडी चौक, नक्खास व आलमबाग में रोजाना आठ से दस टन माल पहुंचता है। शुक्रवार को खरीदार कम होने से चार से पांच टन ही माल की खपत रही। वजह बर्ड फ्लू की वजह से ग्राहकों की संख्या कम होने का सीधा असर चिकन से जुड़े सामानों पर पड़ रहा है। इससे चिकन कारोबारियों को डबल नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिन्होंने जिंदा मुर्गे का सौदा किया है उन मुर्गो का खुराक का खर्च बढ़ने और बिक्री कम होने से मुश्किलें और बढ़ गई है। चौक के चिकन कारोबारी मो. मोहसीन ने बताया कि बर्ड फ्लू से खासतौर पर मुर्गे के दामों में गिरावट हुई है। पिछले तीन दिनों से मंडी में ग्राहक भी कम नजर आ रहे है।