सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानून पर लगाई रोक, बनाई 4 सदस्यों की कमिटी

सुप्रीम कोर्ट ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की शिकायतों पर गौर करने के लिए एक समिति का गठन किया. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक तीनों कृषि कानून के अमल पर रोक लगा दी है|

सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानून पर लगाई रोक, बनाई 4 सदस्यों की कमिटी

सुप्रीम कोर्ट ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की शिकायतों पर गौर करने के लिए एक समिति का गठन किया. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक तीनों कृषि कानून के अमल पर रोक लगा दी है|  सुप्रीम कोर्ट ने किसान संगठनों से सहयोग मांगते हुए कहा कि कृषि कानूनों पर ‘जो लोग सही में समाधान चाहते हैं, वे समिति के पास जाएंगे’| अदालत की सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शरद अरविंद बोबड़े की तुलना भगवान से कर दी| 

दरअसल CJI ने सुनवाई के दौरान कहा कि बार के सदस्यों को न्यायिक प्रक्रिया के प्रति कुछ निष्ठा दिखानी होगी. यदि यह आपके पक्ष में नहीं है तो आप इस प्रक्रिया को अस्वीकार नहीं कर सकते| आपको हमारे साथ सहयोग करना होगा और उसी अनुसार मुवक्किल से बात करनी होगी. आप अपने मुवक्किलों को कुछ सकारात्मक बताए बिना हमें नकारात्मक नहीं बता सकते| 

इसके बाद एडवोकेट किसानों के एमएल शर्मा ने CJI को संबोधित करते हुए कहा- 'आप साक्षात भगवान हैं.' इसी सुनवाई के दौरान शर्मा ने कहा, किसान कह रहे हैं कि कई लोग चर्चा के लिए आए लेकिन मुख्य व्यक्ति प्रधानमंत्री नहीं आए. जिस पर सीजेआई ने कहा कि हम प्रधानमंत्री को नहीं कह सकते| वह इस मामले में पक्षकार नहीं हैं| 

केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन में मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है| अब तक 60 किसानों की मौत हो चुकी है. मंगलवार को एक और किसान ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली| मृतक की पहचान पंजाब के जिला फिरोजपुर के गांव महिमा के ग्रंथी नसीब सिंह मान के रूप में हुई है| फिलहाल आज की सुनवाई पूरी हो गई है| सुनवाई के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब चर्चा करेंगे, उसके बाद ही कुछ फैसला लेगे|  हालांकि उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी| किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सीजेआई एसए बोबडे ने 4 मेंबर की कमिटी बनाई है| इसमें भारतीय किसान यूनियन के जितेंद्र सिंह मान, डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, अशोक गुलाटी (कृषि विशेषज्ञ) और अनिल शेतकारी शामिल हैं | 
30 लाख सदस्य होने का दावा करने वाले भारतीय किसान संघ ने कमिटी बनाने का समर्थन किया, लेकिन कानूनों के अमल पर रोक का विरोध किया|  फल उत्पादक किसानों की संस्था ने भी कानूनों पर रोक नहीं लगाने की मांग की. वहीं, एटॉर्नी जनरल ने भी कमिटी के गठन का स्वागत किया|