किसानो के लिए बड़ा दिन भारी हंगामे के बीच लोकसभा में किसान वापसी बिल पास

सितंबर 2020 को किसानो के लिए एक बिल लाया गया और उस बिल ने किसानो को आंदोलन करने के लिए विवश कर दिया देश में 17 सितंबर 2020 का दिन किसानों के लिए काला दिन माना गया था और इस बात को लेकर कई राज्यों के किसानों ने इस बिल को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया किसानो ने पिछले साल नवंबर में अपना जो प्रदर्शन शुरू किया था वो पुरे एक साल तक चला इस दौरान कई राज्यों में किसानो ने अपने अपने तरीके से प्रदर्शन किया इस दौरान बहुत कुछ हुवा कई किसानो की जान भी गई लेकिन 19 नवंबर को प्रधानमन्त्री के द्वारा बिल वापस लेने के ऐलान के बाद किसानो ने राहत की सांस ली|

किसानो के लिए बड़ा दिन भारी हंगामे के बीच लोकसभा में किसान वापसी बिल पास

सितंबर 2020 को किसानो के लिए एक बिल लाया गया और उस बिल ने किसानो को आंदोलन करने के लिए विवश कर दिया देश में 17 सितंबर 2020 का दिन किसानों के लिए काला दिन माना गया था और इस बात को लेकर कई राज्यों के किसानों ने इस बिल को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया किसानो ने पिछले साल नवंबर में अपना जो प्रदर्शन शुरू किया था वो पुरे एक साल तक चला इस दौरान कई राज्यों में किसानो ने अपने अपने तरीके से प्रदर्शन किया इस दौरान बहुत कुछ हुवा कई किसानो की जान भी गई लेकिन 19 नवंबर को  प्रधानमन्त्री के द्वारा बिल वापस लेने के ऐलान के बाद किसानो ने राहत की सांस ली| 

 


आज इसी क्रम में विपक्ष के भारी शोर शराबे और हंगामे के बीच तीन कृषि कानून को निरस्त करने वाला विधेयक लोकसभा से पास हो गया। सदन की कार्यवाही 12 बजे के बाद शुरू होने पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में विधेयक पेश किया और विपक्ष के विरोध के बावजूद बिल को पारित कर दिया गया। इसके साथ ही दोपहर दो बजे के बाद इस विधेयक को राज्यसभा में पेश किया गया और ध्वनिमत से उच्च सदन से भी बिल पास हो गया।  

 


राकेश टिकैत ने लोकसभा में कृषि कानून वापसी बिल पारित होने पर खुशी जाहिर की है उन्होंने इस दौरान कहा कि एमएसपी एक बड़ा सवाल है उस पर सरकार बातचीत करें. इसके अलावा, प्रदूषण एक बड़ा मसला है, उस पर बातचीत करे. दस साल पूराना ट्रैक्टर का विषय है,राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि कानून बिल वापसी बिल पास हो गया और दूसरे मुद्दे पर सरकार बात करे. संयुक्त किसान मोर्चा ने आगे कहा कि अभी आंदोलन खत्म नहीं होगा. उन्होंने कहा कि 700 किसानों की मौत हो गई, ऐसे में कैसे जश्न मनाएं|