Farmers Chakka Jam: किसानों के चक्काजाम का हाल , जाम के आखिरी पल 1 मिनट गुजी वाहनों की तेज आवाज

कृषि कानूनों के विरोध में किसान पिछले 72 दिनों से राजधानी के चारो ओर बॉर्डर पर धरने पर हैं। इसमें 40 किसान संगठन शामिल हैं। इन 40 किसान संगठनों द्वारा बनाए गए संयुक्त किसान मोर्चा ने इस चक्काजाम का आह्वान 1 फ़रवरी को किया था । चक्का जाम देश के तीन राज्यों को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में हुआ । इसके तहत दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सभी राज्यों में नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे को किसानो ने जाम किया । जो किसान जहां जिस जिले में थे वहीं शातिपूर्ण ढंग से इस जाम में हिस्सा लिया । संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि ये जाम शांतिपूर्ण तरीके से हुआ है।

Farmers Chakka Jam: किसानों के चक्काजाम का हाल , जाम के आखिरी पल 1 मिनट गुजी वाहनों की तेज आवाज

कृषि कानूनों के विरोध में किसान पिछले 72 दिनों से राजधानी के चारो ओर बॉर्डर पर धरने पर हैं। इसमें 40 किसान संगठन शामिल हैं। इन 40 किसान संगठनों द्वारा बनाए गए संयुक्त किसान मोर्चा ने इस चक्काजाम का आह्वान 1 फ़रवरी को किया था । चक्का जाम देश के तीन राज्यों को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में हुआ । इसके तहत दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सभी राज्यों में नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे को किसानो ने जाम किया । जो किसान जहां जिस जिले में थे वहीं शातिपूर्ण ढंग से इस जाम में हिस्सा लिया । संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि ये जाम शांतिपूर्ण तरीके से हुआ है।

कृषि कानूनों के विरोध में किसान पिछले 72 दिनों से राजधानी के चारो ओर बॉर्डर पर धरने पर हैं। इसमें 40 किसान संगठन शामिल हैं। इन 40 किसान संगठनों द्वारा बनाए गए संयुक्त किसान मोर्चा ने इस चक्काजाम का आह्वान 1 फ़रवरी को किया था । चक्का जाम देश के तीन राज्यों को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में हुआ । इसके तहत दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सभी राज्यों में नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे को किसानो ने जाम किया । जो किसान जहां जिस जिले में थे वहीं शातिपूर्ण ढंग से इस जाम में हिस्सा लिया । संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि ये जाम शांतिपूर्ण तरीके से हुआ है।

संयुक्त किसान मोर्चा के मुताबिक दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में चक्काजाम हुआ है। इस दौरान एंबुलेंस, स्कूल बस समेत जरूरी सुविधाओं को रोका नहीं गया है।  

इस लिए हुआ आज चक्काजाम : आज 26 जनवरी की घटना के बाद कई किसानों के ट्रैक्टर जब्त कर लिए गए हैं। कईयों पर मामले दर्ज हो गए हैं। कई किसान बंदी भी हैं। दिल्ली और उसके आसपास पूरे बॉर्डर को पैक कर दिया गया है। इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इन सबके अलावा किसानों को उम्मीद थी कि शायद बजट में इनकी बातें मान ली जाएं। किसानों का कहना है कि वहां भी इनकी अनदेखी की गई है। इसलिए ये जाम इन बातों के खिलाफ था ।

किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि जाम में फंसे लोगों को परेशान नहीं होने दिया है । उनको खाना-पानी दिया गया है । छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखा गया है । जाम 3 बजे खत्म होगा। इस दौरान जाम में फंसे सभी गाड़ियों के हॉर्न एक साथ 1 मिनट के लिए 3 बजे सबने मिलकर बजाया और आज का चक्काजाम ख़तम हुआ ।