अमेरिका में हुई हिंसा की सभी हदे पार , ट्रम्प समर्थकों ने कैपिटल हिल में किया बवाल 3 लोगों की हुई मौत

अमेरिका में 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के बाद जिस बात का डर था, वही हुआ। हिंसा की आशंका थी और ये हुई भी। 3 नवंबर को ही यह तय हो गया था कि जो बाइडेन दुनिया के सबसे ताकतवर देश के अगले राष्ट्रपति होंगे। जिद्दी डोनाल्ड ट्रम्प फिर भी हार मानने को तैयार नहीं थे। चुनावी धांधली के आरोप लगाकर जनमत को नकारते रहे। हिंसा की धमकियां भी दीं।

अमेरिका में हुई हिंसा की सभी हदे पार ,  ट्रम्प समर्थकों ने कैपिटल हिल में किया बवाल 3 लोगों की हुई मौत

अमेरिका में 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के बाद जिस बात का डर था, वही हुआ। हिंसा की आशंका थी और ये हुई भी। 3 नवंबर को ही यह तय हो गया था कि जो बाइडेन दुनिया के सबसे ताकतवर देश के अगले राष्ट्रपति होंगे। जिद्दी डोनाल्ड ट्रम्प फिर भी हार मानने को तैयार नहीं थे। चुनावी धांधली के आरोप लगाकर जनमत को नकारते रहे। हिंसा की धमकियां भी दीं।
वोटिंग के 64 दिन बाद जब अमेरिकी संसद बाइडेन की जीत पर मुहर लगाने जुटी तो अमेरिकी लोकतंत्र शर्मसार हो गया। ट्रम्प के समर्थक दंगाइयों में तब्दील हो गए। संसद में घुसे। तोड़फोड़ और हिंसा की। CNN के मुताबिक, संसद के बाहर और अंदर हिंसा में तीन लोग मारे गए। मिलिट्री की स्पेशल यूनिट ने दंगाइयों को खदेड़ा। कई घंटे बाद संसद की कार्यवाही फिर शुरू हुई। यह अब भी जारी है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव (HOR) की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने कहा- हम बिना डरे अपना काम जारी रखेंगे। हालांकि, यह साफ नहीं है कि अब बाइडेन की जीत की औपचारिक घोषणा कब की जाएगी।

जानिए पूरा मामला 
बुधवार को इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की गिनती और बाइडन की जीत पर मुहर लगाने के लिए अमेरिकी संसद के दोनों सदन यानी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेंजेंटेटिव की बैठक शुरू हुई|  इसी दौरान ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के सैकड़ों समर्थक संसद के बाहर जुट गए| 
नेशनल गार्ड्स और पुलिस इन्हें समझा पाती, इसके पहले ही कुछ लोग अंदर दाखिल हो गए. यूएस कैपिटल और कांग्रेस के बाहर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की.हिंसा हुई| इस दौरान गोली भी चली| किसने चलाई, क्यों चलाई? यह साफ नहीं है| घटना के बाद डीसी में मौजूद यूएस आर्मी की स्पेशल यूनिट को बुलाया गया| महज 20 मिनट में इसने मोर्चा संभाला कुल मिलाकर 1100 स्पेशल गार्ड्स अब भी कैपिटल हिल के बाहर और अंदर तैनात हैं. राजधानी में कर्फ्यू है| अमेरिकी संसद में हिंसा के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है| न्यूयॉर्क के मेयर 1000 नेशनल गार्ड्स को सुरक्षा के लिए भेज रहे हैं| न्यूयॉर्क के मेयर से आदेश मिलने के बाद ये नेशनल गार्ड्स वॉशिंगटन डीसी जाने वाले हैं| 

हिंसा पर जो बाइडन ने कहा, 'यह कोई विरोध नहीं है. यह एक विद्रोह है|मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आह्वान करता हूं कि वह अपनी शपथ पूरी करें और इस घेराबंदी को खत्म करने की मांग करें| ' बाइडन ने आगे कहा, 'मैं साफ कर दूं कि कैपिटल बिल्डिंग पर जो हंगामा हमने देखा हम वैसे नहीं हैं| ये वह लोग हैं, जो कानून को नहीं मानते हैं| '

अमेरिकी संसद में ट्रंप समर्थकों के हंगामे के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के कई करीबियों के इस्तीफा देने की खबर है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी और सोशल सेक्रेटरी ने इस्तीफा दे दिया है| अमेरिका में ट्रंप समर्थकों ने व्हाइट हाउस और कैपिटोल हिल्स में जमकर हंगामा किया|  इसके बाद ट्विटर, फेसबुक और इंस्ट्राग्राम ने ट्रंप के अकाउंट ब्लॉक कर दिए हैं| साथ ही कुछ ट्वीट और वीडियो को भी हटा दिया गया है. ट्विटर ने 12 घंटे और इंस्ट्राग्राम ने 24 घंटे के लिए डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट सस्पेंड किया है| 

अमेरिकी संसद में हुई हिंसा पर प्रधानंत्री मोदी ने अपना बयान दिया है| पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'वॉशिंगटन डीसी में दंगों और हिंसा की खबर से दुखी हूं. शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण होना चाहिए. लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी तरीके से प्रभावित नहीं होने दिया जा सकता है| '
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यूएस कैपिटल में हिंसा को लेकर कहा, 'इतिहास आज का दिन याद रखेगा. एक मौजूदा राष्ट्रपति कैसे अपनी जिद और झूठे दावों को लेकर पद पर बने रहने के लिए गैरकानूनी तरीके अपना रहा है| ये पल हमारे अमेरिका के लिए शर्म और अपमान का है| '
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को 5वें संविधान संशोधन के जरिए आज ही हटाया जा सकता है| अमेरिका के अटॉर्नी जनरल ने उपराष्ट्पति माइक पेंस से कहा है कि बता दे ,25वें संविधान संशोधन के जरिए ट्रंप को हटाने की प्रक्रिया आज ही शुरू की जाए|