हाई स्कूल, इंटर बोर्ड परीक्षा की शुचिता व नकल विहीन सुनिश्चित हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक अभी से तैयारी शुरू कर दें-डिप्टी सीएम

वाराणसी| उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने शनिवार को सर्किट हाउस में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों व गैर शिक्षक व्यक्तियों के ड्यू प्रमोशन तीन-चार माह में पूर्ण कर लें।

हाई स्कूल, इंटर बोर्ड परीक्षा की शुचिता व नकल विहीन सुनिश्चित हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक अभी से तैयारी शुरू कर दें-डिप्टी सीएम

वाराणसी|  उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने शनिवार को सर्किट हाउस में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों व गैर शिक्षक व्यक्तियों के ड्यू प्रमोशन तीन-चार माह में पूर्ण कर लें। शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया हेतु गवर्नर प्रक्रिया को अपनाएं। समस्त कार्य पारदर्शिता, निष्पक्षता से हो। भर्ती चयन हेतु विज्ञापन व्यापक प्रचार वाले समाचार पत्रों में ही प्रकाशित कराएं। सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंट के प्रस्ताव करें। काशी में रिसर्च प्रोजेक्ट भेजें। इस वर्ष हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के प्रमोशन बच्चों को एडमिशन से वंचित नहीं करें।

 

 

 उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने विश्वविद्यालयों से शासन पर लंबित कार्यों की सूची भी मांगी। कोरोना संक्रमण से उच्च शिक्षा में वित्तविहीन संविदा शिक्षकों, कर्मचारियों जिनकी मृत्यु हुई की सूची तैयार करने तथा उन्हें विश्वविद्यालय द्वारा दी जा सकने वाली सहायता राशि के विवरण सहित रिपोर्ट भेजने को कहा। 

 

 

 

उपमुख्यमंत्री ने समस्त जिला विद्यालय निरीक्षक को सचेत किया कि अनियमित नियुक्ति कतई नही की जाए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि फर्जी नियुक्ति पर कड़ी कार्रवाई होगी। संस्कृत विद्यालयों में अच्छे योग्य शिक्षक भर्ती हो। इसके लिए नियमावली के अनुरूप समिति में एक्सपर्ट रखे जाएं। किसी दबाव में कार्य नहीं हो। हर कार्य पारदर्शिता, निष्पक्षता व नियमानुसार हो। आगामी हाई स्कूल इंटरमीडिएट के बोर्ड परीक्षा को सुचिता व नकल विहीन सुनिश्चित हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक अभी से तैयारी शुरू कर दे। प्रशासन के साथ समन्वय करें और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण/पर्यवेक्षण कर वहां सीसीटीवी कैमरा की स्थिति, कक्षों की स्थिति, बाउंड्री वॉल व बिजली व्यवस्था आदि देख ले। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से समस्याओं के बारे में भी पूछताछ की।