Delhi riots : दिल्ली दंगे के एक साल जातिगत मतभेद ने उजाड़े कई घर

आज दिल्ली दंगों का एक साल पूरा हो चुका है , दिल्ली दंगों ने एक बार फिर से मानवता को कलंकित किया था , दिल्ली दंगे में तमाम लोग इधर से उधर भटकने लगे और उसके बाद दंगे खत्म होने के बाद का जो दृश्य था वह वाकई बहुत ही भयावह था।

Delhi riots : दिल्ली दंगे के एक साल जातिगत मतभेद ने उजाड़े कई घर

आज दिल्ली दंगों का एक साल पूरा हो चुका है , दिल्ली दंगों ने एक बार फिर से मानवता को कलंकित किया था , दिल्ली दंगे में तमाम लोग इधर से उधर भटकने लगे और उसके बाद दंगे खत्म होने के बाद का जो दृश्य था वह वाकई बहुत ही भयावह था।

दिल्ली दंगों में दर्जनों घरों को और गाड़ियों को फूंक दिया गया था , कारण यह था कि सीएए और एनआरसी बिल को लेकर एक वर्ग सरकार के खिलाफ बैठा हुआ था। वही दूसरा वर्ग लोगों को वहा से हटाना चाहता था।

जातिगत मतभेद पैदा होना शुरू हुआ और इसके बाद हिंदू बनाम मुसलमान में यह दंगा भड़कता गया। इस दंगे में हजारों घरों को रातों-रात बर्बाद कर दिया गया, पर कई लोगों ने मानवता दिखाते हुए दूसरे समुदाय और जाति के लोगों को भी बचाया है , कई वीडियो वायरल हुई , जहां पर लोगों ने अपनी जान पर खेलकर लोगों को बचाया पर जातिगत मुद्दों को लेकर भड़का ये दंगा वाकई मानवता को कलंकित करने वाला था।

23 फरवरी से 26 फरवरी के बीच होता रहा दंगा, रातों-रात खबर आती रही की कभी इधर आग लगी तो कभी उधर, तमाम तरह की खबरें सामने आ रही थी। उसके बीच में कई अफवाहों के शिकार भी लोग बन रहे थे।

पुलिस के मुताबिक कुल दंगे में 53 लोगों की मौत हो गई जिसमें 40 के करीब मुसलमान और 13 हिंदू थे। 3 जून को हाईकोर्ट में दायर पुलिस की याचिका के मुताबिक था, पर जो बर्बाद हुआ वह लोगों की आम जिंदगी सुखचैन और कई लोगों के रोजगार थे।

पुलिस ने दिल्ली दंगों की जांच के लिए तीन एसआईटी गठित की थी , क्राइम ब्रांच को 60 केस जांच के लिए सोपा गया था। जबकि एक केस स्पेशल सेल ने दर्ज किया था इस दंगे में जांच के दौरान 1818 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अफसरों का दावा है कि इन लोगो के जांच के लिए टेक्नोलॉजी की मदद ली गई है। दंगाइयों का वीडियो सीसीटीवी की फुटेज तमाम पड़ताल के बाद लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। आज भी एक सवाल यह उठता है कि क्या वाकई धरना देना या फिर जातिगत मतभेद को लेकर देश की राजधानी को इस तरह चलने देना चाहिए था।