कोरोना वायरस - का कहर भदोही के कालीन कारोबार पर | कालीन उद्योग | उत्तर प्रदेश समाचार | ZNDM NEWS |

चीन में कोरोना वायरस से मचे हाहाकार का असर भदोही के कालीन निर्यात पर पड़ गया है। चीनी निर्यातकों ने पुराने ऑर्डरों को होल्ड रखने के लिए कह दिया है। इससे करोड़ों रुपये के तैयार कालीन, निर्यातकों के गोदामों में डंप हो गए हैं। इससे उद्योग जगत चिंतित हो उठा है। चीन को भारत से 125 से 150 करोड़ के बीच सालाना कालीन निर्यात होता है।

चीन में कोरोना वायरस से मचे हाहाकार का असर भदोही के कालीन निर्यात पर पड़ गया है। चीनी निर्यातकों ने पुराने ऑर्डरों को होल्ड रखने के लिए कह दिया है। इससे करोड़ों रुपये के तैयार कालीन, निर्यातकों के गोदामों में डंप हो गए हैं। इससे उद्योग जगत चिंतित हो उठा है। चीन को भारत से 125 से 150 करोड़ के बीच सालाना कालीन निर्यात होता है। कोरोना वायरस का असर वर्ष की शुरुआत में ही पड़ गया है और माना जा रहा है कि इसकी मार पूरे साल रहने वाली है। ऐसे में कालीन निर्यातकों को करोड़ों की चपत लगनी तय मानी जा रही है।
कोरोना वायरस के असर से कालीन कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। चीनी आयातकों के पुराने ऑर्डरों को होल्ड रखने की सलाह देने के बाद यहां निर्यातकों के गोदामों में करोड़ों के तैयार माल डंप हो गए हैं। पैकिंग रोक दी गई है। अब चिंता इस बात की है कि कहीं ऑर्डर रद्द हुए तो इसकी भरपाई करना मुश्किल हो जाएगा। 

कोरोना वायरस से पहला झटका शंघाई में मार्च में लगने वाले डोमोटेक्स एशिया-चीन फ्लोर के रद्द होने से लगा है। इसमें देशभर से करीब पांच दर्जन और भदोही-मिर्जापुर परिक्षेत्र से डेढ़ दर्जन से अधिक निर्यातक हिस्सा लेते थे। इसके अलावा सितंबर में लगने वाला टेक्सटाइल, इंटीरियर और फ्लोर कवरिंग मेले पर भी संकट के बादल मंडराते दिख रहे हैं। इसके अभी रद्द होने की खबर नहीं आई है, लेकिन यदि कोरोना वायरस का कहर शीघ्र नहीं थमा तो इसका भी रद्द होना तय है।