कोरोना वायरस का असर अब भारतीय दवाईयों पर |ZNDM NEWS |

चीन में फैले कोरोना वायरस अब भारतीय मरीजों को भी भरी पड़ने वाला है |  कोरोना वायरस की दहशत ने अब दवा बाजार पर भी असर दिखाना शुरू किया है। भारत में दवाइयां बनाने में प्रयुक्त होने वाला करीब 80 फीसद कच्चा माल चीन के वुहान शहर से ही आयात होता है और इसी इलाके में कोरोना वायरस का सबसे अधिक प्रकोप देखा जा रहा है|

चीन में फैले कोरोना वायरस अब भारतीय मरीजों को भी भरी पड़ने वाला है |  कोरोना वायरस की दहशत ने अब दवा बाजार पर भी असर दिखाना शुरू किया है। भारत में दवाइयां बनाने में प्रयुक्त होने वाला करीब 80 फीसद कच्चा माल चीन के वुहान शहर से ही आयात होता है और इसी इलाके में कोरोना वायरस का सबसे अधिक प्रकोप देखा जा रहा है|  कोरोना वायरस के बवंडर की वजह से भारत के 39 अरब डॉलर के दवा कारोबार पर खतरा मंडराने लगा है| डेढ़ माह से आयात प्रभावित होने का असर धीरे-धीरे दवा बाजार पर पड़ने लगा है।स्थानीय दवा मंडी में सर्जिकल मास्क व ग्लव्स की जहां कमी हो गई है, वहीं जरूरी दवाओं के होलसेल रेट में 10 से 15 फीसद की वृद्धि हुई है।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के  मुताबिक इसका असर आमजन और फुटकर विक्रेता की जेब पर फिलहाल नहीं पड़ेगा।  होलसेल रेट 25-30 फीसद तक बढ़ने के बाद खुदरा कीमतों में उछाल होता है। बताया कि मार्केट में जरूरी दवाओं का करीब छह माह का स्टाक रखा जाता है। मगर यही स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो न सिर्फ दवा का संकट उत्पन्न होगा, बल्कि दाम भी आसमान छूने लगेंगे।
लंका स्थित दवाई के दुकानदार के  मुताबिक सर्जिकल ग्लव्स व मास्क का आयात चीन व सिंगापुर से होता है। अपने देश में इसका अच्छा स्टॉक है। मगर इन दिनों चीन मास्क व ग्लव्स भारत से ही मंगा रहा है। इससे यहां न सिर्फ किल्लत होने लगी है, बल्कि दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। होलसेल मेडिसिन डीलर्स एसोसिएशन के वाइस प्रेसीडेंट गजानंद यादव के मुताबिक जेनेरिक दवा के होलसेल दाम भी पांच से 15 फीसद तक बढ़े हैं।