Election Commission : चुनाव आयोग के आदेश के बाद कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट से हटेगी प्रधानमंत्री की तस्वीर

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जहा खलबली मची हुई है , वहीं आरोप-प्रत्यारोप के बीच में प्रधानमंत्री भी आ गए हैं . आरोप और प्रत्यारोप के बीच में प्रधानमंत्री का आने का कारण यह है कि जो कोरोना वैक्सीन अब लोगों को लग रही है उसके सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री की फोटो से विपक्षी पार्टियों को आपत्ति है .

Election Commission : चुनाव आयोग के आदेश के बाद कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट से  हटेगी  प्रधानमंत्री की तस्वीर

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जहा खलबली मची हुई है , वहीं आरोप-प्रत्यारोप के बीच में प्रधानमंत्री भी आ गए हैं . आरोप और प्रत्यारोप के बीच में प्रधानमंत्री का आने का कारण यह है कि जो कोरोना वैक्सीन अब लोगों को लग रही है उसके सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री की फोटो से विपक्षी पार्टियों को आपत्ति है .

इस साल पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं जिसमें केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने कई अलग-अलग नियम बनाए हैं . इन सभी पांच राज्यों में चुनाव 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच होने हैं .

 आपको बता दें कि कोरोना वैक्सीन के लाभार्थियों को कोरोना वैक्सीन का सर्टिफिकेट दिया जा रहा था। इन कोरोना सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो छपी है जिसको लेकर विपक्षी पार्टी लगातार आपत्ती जता रही थी। अब  प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर को लेकर चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय को आदेश दिए हैं कि वह आने वाले विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़े राज्यों से इस तस्वीर को हटा दें। 

वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की तस्वीर को लेकर टीएमसी ने बीजेपी पर निशाना साधा था. टीएमसी सांसद सांतनु सेन ने कहा था कि हमें जन्म से ही वैक्सीन दी जा रही है क्या ऐसा पहले कभी हुआ है? ऐसा कभी नहीं हुआ है कि वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर पीएम की फोटो हो. टीएमसी के इस बयान पर बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कहा कि यह आरोप बेबुनियाद हैं. चुनाव से पहले अगर सरकार कोई प्रोजेक्ट शुरू करती है तो वह उसी तौर तरीके से आगे बढ़ता है. बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में चुनाव होने हैं.