दिल्ली मे कोरोना का इलाज हुआ बहुत सस्ता | CORONA TREATMENT IS CHEAP NOW - DELHI NEWS

पहले प्राइवेट अस्पतालों में आइसोलेशन बेड का चार्ज 24-25 हजार रुपये लगता था। वहीं ICU बेड का चार्ज 34-43 हजार के बीच था जबकि ICU वेंटिलेटर के साथ 44-54 हजार रुपये था। [CORONA TREATMENT IS CHEAP NOW]

दिल्ली मे कोरोना का इलाज हुआ बहुत सस्ता | CORONA TREATMENT IS CHEAP NOW - DELHI NEWS
दिल्ली मे कोरोना का इलाज हुआ बहुत सस्ता | CORONA TREATMENT IS CHEAP NOW - DELHI NEWS

दिल्ली मे कोरोना का इलाज हुआ बहुत सस्ता कोरोना का इलाज हुआ बहुत सस्ता | CORONA TREATMENT IS CHEAP NOW - DELHI NEWS

लगातार कोरोना का ग्राफ इण्डिया में बढ़ता जा रहा है और दिल्ली में तो कोरोना के ज्यादा मरीज सामने आ रहे है| स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार शुक्रवार तक दिल्ली में कोरोना के 49,979 मरीज हैं और अब तक इस महामारी से करीब 1,969 लोगों की मौत हो गई है | इस लिए गृह मंत्रालय ने दिल्ली में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए एक अहम फैसला लिया है| दरअसल प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना का इलाज काफी महंगा था जिसकी वजह से आम जनता को काफी तकलीफो का सामना करना पड़ता था इसलिए  केंद्र ने दिल्ली में निजी अस्पतालों (Corona Treatment News in Delhi ) में कोरोना के इलाज की दरें अब कम कर दी है। [CORONA TREATMENT IS CHEAP NOW]


पहले प्राइवेट अस्पतालों में आइसोलेशन बेड का चार्ज 24-25 हजार रुपये लगता था। वहीं ICU बेड का चार्ज 34-43 हजार के बीच था जबकि ICU वेंटिलेटर के साथ 44-54 हजार रुपये था। ये चार्ज पीपीई किट को छोड़कर लगते थे  लेकिन वही अब पीपीई किट के साथ आइसोलेशन बेड के लिए 8,000-10,000, बिना वेंटिलेटर के साथ ICU बेड का चार्ज 13-15 हजार होगा। जबकि वेंटिलेटर के साथ ICU बेड का चार्ज 15-18 हजार होगा।


दरअसल गृह मंत्री अमित शाह ने कोरोना इलाज को ले कर कुछ समय पहले एक आयोग का गठन किया था, जिसमे दिल्ली के निजी अस्पातलों में आइसोलेशन बेड, बिना वेंटिलेटर सपोर्ट के साथ ICU और वेंटिलेटर सपोर्ट के ICU में कोरोना के इलाज की दर तय करनी थी। एक रिपोर्ट के अनुसार अब इन दरों  पर गृह मंत्रालय की मुहर लग गई है |  बता दें कि दिल्ली में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है और जब से लाकडाउन में ढील दी गई है तब से दिल्ली में लगातार बहुत ज्यादा कोरोना के मरीज सामने आ रहे हैं | राज्य में हर रोज रेकॉर्ड नंबर में कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं|