कोरोना महामारी के बीच खुला केदारनाथ का कपाट

बुधवार सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर मेष लग्न में भगवान केदारनाथ धाम के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए।

कोरोना महामारी के बीच खुला केदारनाथ का कपाट

 

कोरोना महामरी को पुरे देश में एक दर का माहौल है।  इन दिनों लगातार कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या भी बढ़ती नज़र आ रही है। पर उत्तराखण्ड में भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने को ले कर पुरे सूबे में असमंजस  की स्थिति पिछले कई हफ्तों से बनी हुई थी। इसका कारण ये था की कोरोना वायरस के चलते lockdowm है और सब धार्मिक जग़ह बंद है इस बीच आज आखिर कार केदारनाथ का कपाट खोल दिया गया।  
बुधवार सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर मेष लग्न में भगवान केदारनाथ धाम के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के बाद छह माह तक भगवान केदार की पूजा-अर्चना धाम में ही होगी। केदारनाथ धाम के कपाट खोलते समय कोरोना वायरस के चलते पहली बार पूजाअर्चना में केवल 16 लोग ही शामिल हो पाए।  बुधवार करीब तीन बजे से मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना शुरू हुई। पुजारी शिवशंकर लिंगम एवं वेदपाठी मंदिर के दक्षिण द्वार पूजन के बाद मुख्य मंदिर परिसर में प्रविष्ठ हुए। मुख्य द्वार पर कपाट खोलने की प्रक्रिया पूरी हुई। भैरवनाथ जी का आवाह्न किया गया। ठीक प्रात:6 बजकर 10 मिनट पर भगवान केदारनाथ जी के कपाट खोल दिये गये। इस बार सेना का बैंड भी शामिल नहीं हुआ। पुजारी शिवशंकर लिंग ने रूद्राभिषेक एवं जलाभिषेक पूजा संपन्न की भगवान केदारनाथ जी का जलाभिषेक किया गया।

इस दौरान शोसियल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। कपाट खुलने के पश्चात सर्व प्रथम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की ओर से रूद्राभिषेक पूजा संपन्न हुुई । मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पर्यटन-धर्मस्व मंत्री सतपाल जी महाराज, विस अध्यक्ष प्रेमचन्द्र अग्रवाल ने श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर शुभकामनाएं और बधाई दी है और आशा प्रकट की है कि जल्द देश एवं विश्व से कोरोना का संकट समाप्त हो जायेगा तथा चार धाम यात्रा को गति मिलेगी।  चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ‌ममगाई‌ ने केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर बधाई दी है। पर्यटन-धर्मस्व सचिव दिलीप जावलकर ने यात्रा संबंधी ब्यवस्थाओं हेतु ब्यापक दिशा निर्देश जारी किये हैं। 

कपाट खुलने के अवसर पर उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के अधिकारी बी.डी.सिंह, तहसीलदार जयबीर राम बधाणी एवं पुलिस चौकी प्रभारी मंजुल रावत मुख्य द्वार पर मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि वुड स्टोन कंपनी ने केदारनाथ में बर्फ के ग्लेशियरों को काट कर मंदिर तक पहुंचने हेतु विषम परिस्थितियों में कार्यकर रास्ता बनाया। आयुक्त गढ़वाल / उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सीईओ रमन रविनाथ ने बताया कि मार्च महीने से ही प्रशासन ने बुड स्टोन कंपनी को केदारनाथ पहुंच़ने हेतु मार्ग बनाने को कहा गया था। देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि कपाट खुलने के उपलक्ष्य में ऋषिकेश के दानीदाता सतीश कालड़ा द्वारा श्री केदारनाथ मंदिर को 10 क्विंटल गैंदा, गुलाब एवं अन्य फूलों से सजाया गया था। रात्रि को मंदिर बिजली की रोशनी से जगमगा रहा था।