बढ़ सकते फैन,कूलर और एसी जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामानो के दाम, कॉपर की कीमत में आई भरी उछाल

लगातार बढ़ती महंगी में खाने पीने से लेकर रोजमर्रा के समान सबकुछ कीमत आसमान छु रही है | ऐसे अब कॉपर जो इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान बनाने में इस्तेमाल होता है उसकी कीमत में भी काफी उछाल आई है बता दे, कॉपर बुधवार को 638.50 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई। कॉपर की कीमत में बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा।

बढ़ सकते फैन,कूलर और एसी जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामानो के दाम, कॉपर की कीमत में आई भरी उछाल

लगातार बढ़ती महंगी में खाने पीने से लेकर रोजमर्रा के समान सबकुछ कीमत आसमान छु रही है | ऐसे अब कॉपर जो इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान बनाने में इस्तेमाल होता है उसकी कीमत में भी काफी उछाल आई है बता दे, कॉपर बुधवार को 638.50 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई। कॉपर की कीमत में बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा। इस बढ़ोतरी से पंखे, कूलर, एसी जैसे बिजली के लगभग सामानों की कीमत में बढ़ोतरी हो सकती है।

उद्योग में बड़े पैमाने पर उपयोग होने के कारण कॉपर को आर्थिक स्थिति का बैरोमीटर माना जाता है। इसलिए इसे डॉक्टर कॉपर भी कहा जाता है। कॉपर के प्राइस से आर्थिक स्थिति का आसानी से आकलन हो जाता है। खराब आर्थिक स्थिति में कॉपर की मांग घटती है और इसकी कीमत भी घट जाती है। आर्थिक तेजी आने पर कॉपर की मांग बढ़ती है और कीमत भी बढ़ जाती है।

एंजल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट, रिसर्च-कमॉडिटी एंड फॉरेक्स अनुज गुप्ता ने कहा कि कॉपर की कीमत में आगे भी बढ़ोतरी होगी और यह 700-750 रुपए प्रति किलोग्राम के रेंज में जा सकती है। लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर कॉपर 8 साल के ऊपरी स्तर 8302 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। बजट में सरकार ने कॉपर स्क्रैप पर आयात शुल्क को 5% से घटाकर 2.5% कर दिया, लेकिन भारी मांग ने आयात शुल्क कटौती को बेअसर कर दिया है। चीन, यूरोप और अमेरिका में बढ़ी औद्योगिक मांग के कारण कॉपर की कीमत बढ़ रही है। लॉकडाउन खुलने के बाद भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिकल गुड्स बनाने वाली कंपनियों में मांग बढ़ने के कारण भी इसकी कीमत में बढ़ोतरी को बल मिल रहा है। बिजली के केबल, पंखे, कूलर, एसी जैसे बिजली के अधिकतर सामानों में कॉपर का उपयोग होता है। कॉपर की कीमत बढ़ने से ये सभी सामान महंगे हो जाएंगे।