वाराणसी के चिरईगांव ब्लाक से एक मिर्त आदमी लड़ रहा है जिला पंचायत का चुनाव

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव काफी रोमांचक हो जाता है क्योंकि इसके अगले साल ही उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव भी होता है।उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव, जिला पंचायत चुनाव, बीडीसी चुनाव एक साथ होने के चलते यहां पर अलग अलग तरीके के दावेदार सामने दिखाई देते हैं । और उनकी घोषणा भी अलग अलग तरीके की होती हैं,

वाराणसी के चिरईगांव ब्लाक से एक मिर्त आदमी लड़ रहा है जिला पंचायत का चुनाव

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव काफी रोमांचक हो जाता है क्योंकि इसके अगले साल ही उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव भी होता है।

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव, जिला पंचायत चुनाव, बीडीसी चुनाव एक साथ होने के चलते यहां पर अलग अलग तरीके के दावेदार सामने दिखाई देते हैं । और उनकी घोषणा भी अलग अलग तरीके की होती हैं, कई चुनावी वादे ऐसे होते है की आम बोलचाल की भाषा में भी लोग इस्तेमाल कर के मजाक उड़ाते है ,और कई बार कई ऐसे प्रत्याशी होते हैं कि उनके सामने कोई और दूसरा प्रत्याशी टिक नहीं पाता है ।

परंतु वाराणसी से एक ऐसे प्रत्याशी का नाम सामने आया है, जिसको सुनकर आप चौक से जाएंगे, क्या आपने कभी सोचा है कि कोई मुर्दा व्यक्ति चुनाव प्रचार कर रहा हो, या फिर वह खुद ही प्रत्याशी हो । गले में मैं हूं जिंदा का बैनर लगाकर हर घर जा जाकर वोट मांग रहा हो ,और अपने आप को विजई बनाने के लिए लोगों से अपील कर रहा हो ।
मामला यह है कि वाराणसी में सरकारी दस्तावेजों में दो दशकों से मृत घोषित संतोष मूरत सिंह में जिंदा हूं कि तक के लिए चुनाव मैदान में कूद गए हैं खुद को जिंदा साबित करने के लिए चिरईगांव ब्लॉक के जलालपुर से संतोष मूरत सिंह क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर  चुनाव लड़ रहे हैं और हर एक घर जाकर अपने लिए वोट मांग रहे हैं।

आपको बता दें कि संतोष मूरत सिंह ने 8 तारीख को पर्चा दाखिल किया था । नामांकन पर्चे की जांच के बाद चुनाव आयोग की ओर से उन्हें चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिया गया है । गले में मैं हूं जिंदा की तत्काल लटकाए संतोष इन दिनों अपने इलाके के गांव के घर घर जाकर खुद के लिए वोट मांग रहे हैं , और लोगो से अपील कर रहे हैं कि एक मुर्दा आदमी को विजई बनाकर जिंदा किया जाए ।

इन सबके बीच संतोष ने बताया कि मेरे प्रमुख मुद्दे चुनाव जीतने के बाद , यह होंगे कि मैं अपने जैसे सिस्टम से मारे लोगों को इंसाफ दिलाने में मदद करूंगा। और जो लोगों की बात दवाई जाती है उनकी आवाज बनूंगा। आपको बता दें कि संतोष मूरत सिंह ने पंचायत चुनाव में पर्चा दाखिल करने के लिए लोगों से भीख मांगी थी । पहले वह भीख मांग कर पैसे इकट्ठा किए उसके बाद उन्होंने पर्चा दाखिल किया उन्होंने बताया कि 20 साल पहले उनके रिश्तेदारों ने उनकी जमीन हड़प ली और उन्हें राजस्व विभाग में मृत घोषित करा दिया जिसके बाद से वह लगातार अपने आप को जिंदा घोषित कराने के लिए दर-दर भटक रहे हैं ।