चीन में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्‍या 50,000 पहुंची | ZNDM NEWS |

कोरोना वायरस से  संक्रमित  मरीज जो केरला में पाया गया था उससे अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज अस्पताल से   छुट्टी दे दी गई। वह चीन के वुहान विश्वविद्यालय का छात्र है। उसे अस्पताल में अलग वार्ड में रखा गया था। सूत्रों ने बताया के छात्र के दो नमूने(sample ) जांच के लिये पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान (National Virology) संस्थान भेजे गए।

कोरोना वायरस से  संक्रमित  मरीज जो केरला में पाया गया था उससे अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज अस्पताल से   छुट्टी दे दी गई। वह चीन के वुहान विश्वविद्यालय का छात्र है। उसे अस्पताल में अलग वार्ड में रखा गया था। सूत्रों ने बताया के छात्र के दो नमूने(sample ) जांच के लिये पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान (National Virology) संस्थान भेजे गए। दोनों नमूने नेगेटिव पाए जाने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। उसे 14 दिनों तक घर में अलग रखा जाएगा। छात्र 24 जनवरी को केरल लौटा था। इधर, चीन में कोरोना वायरस से मरने वाले की संख्‍या लगभग 1500 पहुंच गई है।इस बीच, स्पाइसजेट की बैंकॉक-दिल्ली उड़ान में सवार एक यात्री को कोरोना वायरस के संक्रमण के संदेह में अलग रखा गया है। स्पाइसजेट ने एक बयान में कहा कि विमान के दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने के बाद यात्री को अलग रखा गया। बता दे कि चीन में संक्रमित लोगों की संख्‍या 50 हजार के पार पहुंच गई है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO )ने कोरोना वायरस को लेकर कई एडवाइजरी (Advisory )जारी की हैं। कई देशों ने अपनी विमान को चीन जाने पर  रोक लगा दी है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस फैलने के बाद चीन के वुहान से भारतीय एवं मालदीव के नागरिकों को निकालने वाले एयर इंडिया के चालक दल एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र लिखा है।  प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारी बयान के अनुसार, एयर इंडिया के चालक दल एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों को यह प्रशस्ति पत्र नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री (Minister of State for Aviation)द्वारा सौंपा जाएगा। गौरतलब है कि एयर इंडिया ने कोरोना वायरस के केंद्र रहे चीन के वुहान शहर से भारतीयों को निकालने के लिए आपातकालीन अभियान चलाया था और इसके लिए अपनी दो उड़ानें भेजी थीं।आपको बता दे हमारे पड़ोसी देश यानि नेपाल में 100 से अधिक लोगों में कोरोनावायरस पॉजिटिव पाया गया है। मालदीव, भूटान, म्यांमार की सरकारों में भी इसकी दहशत देखी जा सकतीहै।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत ने पड़ोसियों से लगती सीमा पर जांच, पड़ताल काफी बढ़ा दी है। राजनयिक सूत्र बताते हैं कि चीन की स्थिति बेहद चिंता जनक है। गैर आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक चीन में मरने वालों की संख्या हजारों में है।