Chandauli : चंदौली में नसबंदी के बाद मरीजों को दी अस्पताल से छुट्टी, नहीं दी गई कोई सुविधा

धानापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने महिलाओं का नसबंदी ऑपरेशन करके उन्हें तुरंत हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी। यही नहीं, महिलाओं को दूसरी मंजिल से बिना स्ट्रेचर के नीचे भिजवा दिया गया। इस बाबत अधिकारियों का कहना है कि मरीज अपनी मर्जी से घर चले गए हैं।

Chandauli : चंदौली में नसबंदी के बाद मरीजों को दी अस्पताल से छुट्टी, नहीं दी गई कोई सुविधा
धानापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने महिलाओं का नसबंदी ऑपरेशन करके उन्हें तुरंत हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी। यही नहीं, महिलाओं को दूसरी मंजिल से बिना स्ट्रेचर के नीचे भिजवा दिया गया। इस बाबत अधिकारियों का कहना है कि मरीज अपनी मर्जी से घर चले गए हैं।
धानापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान, महिलाओं को ऑपरेशन के तुरंत बाद ही डिस्चार्ज भी कर दिया गया। महिला मरीजों को अस्पताल के दूसरी मंज़िल से दर्द से कराहते हुए अपने परिजनों की मदद से नीचे उतरना पड़ा। कई महिलाएं दूसरी मंजिल पर स्थित ऑपरेशन थियेटर से नीचे उतरते समय दर्द के मारे बेहोश तक हो गई, लेकिन डॉक्टरों का मन नहीं पसीजा। यही नहीं, अस्पताल परिसर में तीन-तीन एंबुलेंस खड़ी थी, लेकिन मरीजों को घर भेजने के लिए मुहैया नहीं कराई गई। परिजन महिलाओं को टेंपो और रिक्शा ट्राली पर घर ले गए।
 
मरीजों के परिजन अंजनी सिंह, ऋषिकेश दुबे और गौरी का आरोप है की इतने बड़े अस्पताल में कोई भी सुविधा नहीं है। अस्पताल से दवाई नहीं मिलती तो लोगों को दवा बाहर से खरीदनी पड़ती है। अस्पताल में एंबुलेंस होने के बावजूद अपने मरीजों को लाने ले जाने की व्यवस्था खुद करनी पड़ती है। डॉक्टरों से जब दुर्व्यवस्था की शिकायत की गई तो उन्होंने पल्ला झाड़ लिया। अस्पताल के मुख्य द्वार पर दवा की दुर्जनों दुकानें हैं। वहां से अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा लिखी दवाइयां मिलती हैं।
 
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक केके सिंह ने कहा कि मरीज के परिजन खुद ही उन्हें जल घर ले जाने के जिद कर रहे थे। यही नहीं, एंबुलेंस द्वारा मरीजों को नहीं भजने पर सीएम ने कहा कि लोग आसपास के हैं, इसलिए खुद ही चले जा रहे हैं।