एक वीडियो जारी करने पर पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ वाराणसी में मुकदमा दर्ज

वाराणसी के लंका थाने में पूर्व IAS अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दरसअल सूर्य प्रताप सिंह ने ट्विटर पर वाराणसी की एक वीडियो ट्वीट की थी। सूर्य प्रताप सिंह का कहना है कि वाराणसी की वीडियो असली है।जिसके बाद पुलिस ने उन मुकदमा कर दिया है। और वही पुलिस का दावा है कि सूर्य प्रताप सिंह ने जो वीडियो ट्वीट की है, वह पुरानी है।

एक वीडियो जारी करने पर पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ वाराणसी में मुकदमा दर्ज

वाराणसी के लंका थाने में पूर्व IAS अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दरसअल सूर्य प्रताप सिंह ने ट्विटर पर वाराणसी की एक वीडियो ट्वीट की थी। सूर्य प्रताप सिंह का कहना है कि वाराणसी की वीडियो असली है।जिसके बाद पुलिस ने उन मुकदमा कर दिया है। और वही पुलिस का दावा है कि सूर्य प्रताप सिंह ने जो वीडियो ट्वीट की है, वह पुरानी है।

 



पुलिस के द्वारा कार्यवाही करने पर उन्होंने लिखा है कि “उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकता का जवाब नहीं।  इस ट्वीट के साथ सूर्य प्रताप सिंह ने एक खबर की लिंक भी शेयर की है। खबर का शीर्षक है, “BHU- कोविड अस्पताल में सीवर के पास मिला लापता मरीज का शव, परिजनों ने लगाया किडनी निकालने का आरोप” पुराना वीडियो ट्वीट करने के कारण ही उन पर एफआईआर दर्ज हुई है।

 

 



एफआईआर वाराणसी पुलिस द्वारा दर्ज की गई है।सूर्य प्रताप सिंह ने एक अन्य ट्वीट में कहा है कि “मेरे ऊपर मुक़दमा करने से अगर मरीज़ों को आक्सीजन मिलता है, ग़रीबों को दवाई मिलती है, बेड मिलता है, तो मैं ऐसे हर मुक़दमे का स्वागत करता हूँ।” गौरतलब है कि इस साल सूर्य प्रताप सिंह पर ये चौथा मुकदमा दर्ज हुआ है। सूर्य प्रताप सिंह लगातार सरकार से सवाल पूछते रहते हैं। मुखर होकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की आलोचना करते हैं। उनकी खराब नीतियों पर उंगली उठाते रहते हैं।