Budget 2021: बजट सत्र से पहले विपक्ष ने दिखाए तेवर, 16 दल राष्ट्रपति के भाषण का करेंगे बहिष्कार

संसद का बजट सत्र 29 जनवरी से शुरू हो रहा है, ऐसे में बजट सत्र की शुरुआत से पहले विपक्ष ने सरकार को घेरने की तैयारी तेज कर दी है। एक तरफ जहां किसान पिछले कई महीनों से कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं तो दूसरी तरफ संसद के भीतर विपक्ष एक बार फिर से संसद के भीतर सरकार को कृषि कानूनों को लेकर घेरने की की पूरी तैयारी कर रही हैं।

Budget 2021: बजट सत्र से पहले विपक्ष ने दिखाए तेवर, 16 दल राष्ट्रपति के भाषण का करेंगे बहिष्कार

संसद का बजट सत्र 29 जनवरी से शुरू हो रहा है, ऐसे में बजट सत्र की शुरुआत से पहले विपक्ष ने सरकार को घेरने की तैयारी तेज कर दी है। एक तरफ जहां किसान पिछले कई महीनों से कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं तो दूसरी तरफ संसद के भीतर विपक्ष एक बार फिर से संसद के भीतर सरकार को कृषि कानूनों को लेकर घेरने की की पूरी तैयारी कर रही हैं। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने बजट सत्र शुरू होने से पहले ही अपने तेवर साफ कर दिए हैं। आजाद ने कहा कि विपक्ष के 16 दल 29 जनवरी को होने वाले राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेंगे। आजाद ने कहा कि हम 16 दलों की ओर से बयान जारी करने जा रहे हैं कि कल होने वाले राष्ट्रपति के भाषण का हम बहिष्कार करेंगे, इसकी मुख्य वजह यह है कि कृषि बिलों को सदन में जबरन विपक्ष के बिना पास कराया गया है।

 

कांग्रेस के अलावा जो अन्य दल राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेंगे उसमे एनसीपी, शिवसेना, टीएमसी, डीएमके, जेकेएएस, समाजवादी पार्टी, राजद, सीपीआईएम, सीपीआई, आईयूएमएल, आरएसपी, आरडीपी, एमडीएमके, केरल कांग्रेस, एआईयूडीएफ शामिल हैं। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कृषि कानुनों को लेकर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा कि सच यह है कि अधिकतर किसान कृषि कानूनों को अच्छे से जानते नहीं हैं, अगर उन्हें इसकी सही जानकारी दी जाती तो पूरे देश में इसके खिलाफ भारी विरोध हो रहा होता। देश जल रहा होता। राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार से अपील कर रहे हैं कि इन तीनों ही कृषि कानूनों को सरकार वापस ले। राहुल गांधी आरोप लगाते आ रहे हैं कि सरकार की नीतियां सिर्फ 4-5 उद्योगपतियों की मदद के लिए हैं।