Budget 2021 : इस बार बजट में जानें क्या-क्या बिकने वाला है

केंद्र सरकार ने नए वित्त वर्ष में पौने दो लाख करोड़ रुपये विनिवेश से जुटाने का लक्ष्य रखा है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 35 हजार करोड़ रुपये कम है. पिछले बजट में सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 2.1 लाख करोड़ रुपये विनिवेश के जरिये जुटाने का ऐलान किया था.

Budget 2021 : इस बार बजट में जानें क्या-क्या बिकने वाला है

केंद्र सरकार ने नए वित्त वर्ष में पौने दो लाख करोड़ रुपये विनिवेश से जुटाने का लक्ष्य रखा है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 35 हजार करोड़ रुपये कम है. पिछले बजट में सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 2.1 लाख करोड़ रुपये विनिवेश के जरिये जुटाने का ऐलान किया था.

वित्त मंत्री ने बताया कि विनिवेश से 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने के लिए सरकार के पास प्लान तैयार है. सरकार ने बजट में बताया कि कुछ सरकारी कंपनियों में विनिवेश को लेकर फैसले लिए जा चुके हैं. जो अगले वित्त वर्ष में पूरे हो जाएंगे. आइए जानते हैं सरकार के विनिवेश में कौन-कौन सी कंपनियां शामिल हैं.

निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में  BPCL एअर इंडिया, कॉनकोर और SCI के विनिवेश पर मुहर लग सकती है. इसके अलावा वित्त मंत्री ने बताया कि LIC का आईपीओ अगले वित्त वर्ष में लाने का प्लान है. साथ ही इसके अलावा IDBI में विनिवेश होगा. इसके अलावा शेयर बाजार में तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार कुछ CPSE में हिस्सेदारी भी ऑफर फॉर सेल (OFS) के ​जरिए बेच सकती है. वहीं अन्य प्राइवेटाइजेशन डील्स भी वित्त वर्ष 2022 तक पूरा होने का अनुमान है.

BPCL: BPCL में हिस्सेदारी बेचने से सरकार को करीब 60 हजार करोड़ रुपये मिल सकते हैं. सरकार अपनी 52.98 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है. BPCL देश की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी है और इसकी बैलेंस शीट बेहद मजबूत है. कंपनी हमेशा मुनाफा कमाकर सरकार को देती रही है.

BPCL के देशभर में करीब 17,138 पेट्रोल पंप हैं. बीपीसीएल में सरकार की कुल 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी है. सरकार के पास कंपनी के 114.91 करोड़ शेयर हैं. सरकार का ऐलान कर दिया है कि BPCL के रणनीतिक खरीदार को कंपनी का प्रबंधन नियंत्रण भी ट्रांसफर किया जाएगा, यानी मालिकाना हक भी खरीदार के पास चला जाएगा.

एयर इंडिया: कर्ज में डूबी सरकारी एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया से सरकार छुटकारा पाना चाहती है. सरकार को उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष में सरकार इसे बेचने में सफल रहेगी. मौजूदा वक्त एयर इंडिया पर 60,074 करोड़ रुपये का कर्ज है, लेकिन अधिग्रहण के बाद खरीदार को 23,286.5 करोड़ रुपये ही चुकाने होंगे. सरकार इस अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनी की पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिए तैयार है.

LIC का आईपीओ: वित्त मंत्री ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में सरकारी इंश्योरेंस कंपनी LIC का IPO लॉन्च करने की तैयारी में है. LIC में हिस्सेदारी बेचने के लिए सरकार को कानून में कुछ बदलाव करने की जरूरत है. सरकार LIC में अपनी 25 फीसदी हिस्सेदारी कम करेगी. यह हिस्सेदारी कई चरणों में कम होगा.

 सरकार IDBI Bank में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है. IDBI Bank में LIC की 51 फीसदी और सरकार की 47 फीसदी हिस्सेदारी है. LIC आईडीबीआई बैंक में अपना हिस्सा बेचने की इच्छुक है. इसके अलावा निर्मला सीतारमण ने बताया कि नीति आयोग को रणनीतिक विनिवेश के लिए केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र कंपनियों की अगली सूची पर काम करने को कहा गया है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के स्वामित्व वाली जमीनों के मौद्रिकरण (बिक्री/पट्टेदारी) के लिए एक विशेष इकाई (एसपीवी) बनाई जाएगी.