Bitcoin Price - बिटक्वाइन में अबतक की सबसे बड़ी तेजी, 50 लाख रुपये के करीब पहुंची कीमत

सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन के दाम ऑल टाइम रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए हैं. आज मंगलवार दोपहर बिटक्वाइन 68 हजार डॉलर के पार निकल गया है. अक्टूबर में शुरू हुई रैली को जारी रखते हुए अब तक के सबसे उच्च स्तर 68,049 पर पहुंच गई.

Bitcoin Price - बिटक्वाइन में अबतक की सबसे बड़ी तेजी, 50 लाख रुपये के करीब पहुंची कीमत

सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन के दाम ऑल टाइम रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए हैं. आज मंगलवार दोपहर बिटक्वाइन 68 हजार डॉलर के पार निकल गया है. अक्टूबर में शुरू हुई रैली को जारी रखते हुए अब तक के सबसे उच्च स्तर 68,049 पर पहुंच गई. मार्केट में आई रैली के कारण क्रिप्टोकरेंसी का मार्केट कैपिटलाइजेशन सिर्फ एक महीने में 1 डॉलर ट्रिलियन से बढ़कर 3 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है.


CoinGecko से मिले आंकड़ों के मुताबिक दुनिया की दूसरी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether अपने अब तक के उच्चतम स्तर 4,800 डॉलर पर पहुंच गई है. ये 2 फीसदी से अधिक बढ़ गया है. पहले ऐसी रिपोर्ट आई थी कि एथेरियम नेटवर्क ने पिछले सप्ताह जारी किए गए सिक्कों की तुलना में अधिक सिक्के जलाए.


विश्लेषकों के अनुमान के अनुसार, अगले महीने के अंत तक बिटक्वाइन दोबारा अपने 64000 डॉलर यानी 48,00,000 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है। नवंबर में यह 98000 डॉलर (73,50,000 रुपये) का स्तर छू सकता है और दिसंबर में यह दोबारा रिकॉर्ड तोड़कर एक लाख डॉलर यानी करीब 75 लाख रुपये पर पहुंच जाएगा। साल 2021 के अंत तक इसकी कीमत 1,35,000 डॉलर (1,01,25,000 रुपये) तक पहुंच जाएगी, जो मौजूदा कीमत से लगभग तीन गुना ऊपर है। 

 


सभी क्रिप्टोकरेंसी में बिटक्वाइन का मूल्य सबसे अधिक
क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी करेंसी है जिसे आप देख नहीं सकते। आसान शब्दों में आप इसे डिजिटल रुपया कह सकते हैं। क्रिप्टोकरेंसी को कोई बैंक जारी नहीं करती है। इसे जारी करने वाले ही इसे कंट्रोल करते हैं। इसका इस्तेमाल डिजिटल दुनिया में ही होता है। मौजूदा समय में पूरे विश्व में कई तरह की वर्चुअल करेंसी हैं। इनमें से बिटक्वाइन का मूल्य सबसे अधिक है। पिछले कुछ समय से निवेशकों का आकर्षण बिटक्वाइन की ओर तेजी से बढ़ा है। बिटक्वाइन ने निवेशकों को जोरदार रिटर्न भी दिया है। 

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क्या है बिटक्वाइन?
बिटक्वाइन वर्चुअल करेंसी है। इसकी शुरुआत साल 2009 में हुई थी, जो कि अब इतनी लोकप्रिय हो गई है कि इसकी एक बिटक्वाइन की कीमत लाखों रुपये में के बराबर पहुंच गई है। इसपर कोई सरकारी नियंत्रण नहीं हैं। क्रिप्टोकरेंसी को कोई बैंक जारी नहीं करती है। इसे जारी करने वाले ही इसे कंट्रोल करते हैं। इसका इस्तेमाल डिजिटल दुनिया में ही होता है। इसको कोई बैंक या सरकार कंट्रोल नहीं करती है। लोग मानते हैं कि साल 2009 में सतोशी नाकामोतो नामक समूह ने पहली बार बिटक्वाइन को दुनिया के सामने पेश किया था।