Bihar Vidhan Sabha Election | Bihar का फकीर CM जिसकी झोपड़ी देखकर रो पड़े थे Hemwati Nandan Bahuguna

ऐसे वक्त में जब सियासत में धनबल, बाहुबल और चुनाव प्रचार में करोड़ों के खर्च की चर्चा आम है लेकिन इसी सियासत के गलियारे में कई मिसालें ऐसी भी रही हैं जो सादगी, ईमानदारी और सियासी सुचिता का परफेक्ट उदाहरण कही जा सकती हैं.

ऐसे वक्त में जब सियासत में धनबल, बाहुबल और चुनाव प्रचार में करोड़ों के खर्च की चर्चा आम है लेकिन इसी सियासत के गलियारे में कई मिसालें ऐसी भी रही हैं जो सादगी, ईमानदारी और सियासी सुचिता का परफेक्ट उदाहरण कही जा सकती हैं. अभी बिहार चुनाव की चर्चा है तो हम बिहार के ही एक पूर्व सीएम का जिक्र करना चाहेंगे जिनके जैसी मिसाल सियासत में विरले ही मिलेंगी. At a time when the discussion of spending of money in politics, money power and election campaign is common, but in the corridors of this politics, there have been many examples which can be said to be the perfect example of simplicity, honesty and political correctness. If there is talk of Bihar election now, we would like to mention a former CM of Bihar, whose example will rarely be found in politics. हम बात कर रहे हैं बिहार में जननायक कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की. स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक, राजनीतिज्ञ तथा बिहार के दूसरे उपमुख्यमंत्री और दो बार मुख्यमंत्री रहे कर्पूरी ठाकुर पिछड़े समुदाय से आते थे. लोकनायक जयप्रकाश नारायण और राम मनोहर लोहिया इनके राजनीतिक गुरु थे. We are talking about Karpoori Thakur, former Chief Minister of Bihar, who is called Jannayak. Karpoori Thakur, a freedom fighter, teacher, politician and second deputy chief minister of Bihar and twice chief minister, used to come from the backward community. Loknayak Jayaprakash Narayan and Ram Manohar Lohia were his political gurus.