भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव का जन्मदिन, जानिए कैसे बीता उनका लिटी चोखा बेचने से लेकर स्टेज तक का सफर

आज भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव का आज 15 मार्च को जन्मदिन है| सोशल साइट्स पर उनके फैन्स जन्मदिन की शुभकामनाएं दे रहे हैं| हालांकि, विकिपीडिया पर खेसारी लाल यादव का जन्मदिन 6 मार्च शो करता है| लेकिन खेसारी के पीआरओ रंजन सिन्हा के मुताबिक, सुपरस्टार खेसारी का रियल बर्थडे 15 मार्च ही है, जिनका जन्म बिहार के सारण जिले रसूलपुर चट्टी गांव में हुआ था|

भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव का जन्मदिन, जानिए कैसे बीता उनका लिटी चोखा बेचने से लेकर स्टेज तक का सफर

आज भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव का आज 15 मार्च को जन्मदिन है| सोशल साइट्स पर उनके फैन्स जन्मदिन की शुभकामनाएं दे रहे हैं| हालांकि, विकिपीडिया पर खेसारी लाल यादव का जन्मदिन 6 मार्च शो करता है| लेकिन खेसारी के पीआरओ रंजन सिन्हा के मुताबिक, सुपरस्टार खेसारी का रियल बर्थडे 15 मार्च ही है, जिनका जन्म बिहार के सारण जिले रसूलपुर चट्टी गांव में हुआ था| 

खेसारी लाल यादव आज भोजपुरी टॉप स्टार्स में शुमार हैं| एक फिल्म के लिए 45 लाख रुपए से लेकर 60 लाख रुपए तक चार्ज करते हैं| हर साल उनकी 6 से 12 फिल्में रिलीज होती हैं| वहीं दर्जनों म्यूजिक एलबम्स भी रिलीज होते हैं| खेसारी एक गाने के बदले 4 से 5 लाख रुपए तक लेते हैं| इस होली में ही खेसारी लाल यादव के लगभग 35 गाने रिलीज होने हैं, कई रिलीज हो चुके हैं. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है खेसारी लाल यादव सिर्फ गाने के बदले में करोड़ों रुपए सालाना कमाते हैं| हालांकि, आज भले ही खेसारी के पास ढेरों काम और दौलत-शोहरत है, लेकिन उनकी जिंदगी संघर्षों के बीच गुजरी है| 

आज के खेसारी लाल यादव वर्ल्डवाइड सर्च में दुनिया के टॉप लोगों में शुमार हैं, इसका खुलासा वे खुद कई बार कर चुके हैं, लेकिन उनकी कामयाबी का सफर बेहद संघर्ष भरा रहा है | तकरीबन एक दशक पहले खेसारी लाल यादव अपने गृह राज्य बिहार के छपरा जिले में दूध बेचने का काम करते थे| कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि खेसारी लाल के पास जब पैसे नहीं हुआ करते थे तब उन्हें अपने गाने रिलीज करने के लिए पत्नी के गहने-जेवरात भी बेचने पड़े|खेसारी लाल यादव के सितारे आज बुलंदियों पर हैं| वे ताबड़तोड़ फिल्में और म्यूजिक एलबम कर रहे हैं. उनकी फिल्में खूब परफॉर्म भी करती हैं, लेकिन एक दौरा ऐसा भी था, जब उन्हें दिल्ली की सड़कों पर लिट्टी-चोखा बेचकर गुजारा करना पड़ता था. खेसारी खुद कई बार इंटरव्यू में अपने संघर्षों को बयां कर चुके हैं| खेसारी के मुताबिक, जब उम्र बढ़ने लगी तो वे कमाने के लिए दिल्ली चले गए और वहां पर एक धागा फैक्ट्री में काम करने लगे. इस बीच उनकी शादी हो गई और खर्च बढ़ने लगा. ऐसे में खेसारी ने दिल्ली के ओखला में अपने पिता के साथ सड़क किनारे लिट्टी-चोखा बेचना शुरू कर दिया|