भारत और अमेरिका के बीच 3 मिलियन डॉलर का रक्षा समझौता |

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज द्विपक्षीय संबंधों के पूरे क्षेत्र को कवर करते हुए व्यापक वार्ता की है , जिसमें रक्षा, सुरक्षा और व्यापार और निवेश के प्रमुख क्षेत्र शामिल रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज द्विपक्षीय संबंधों के पूरे क्षेत्र को कवर करते हुए व्यापक वार्ता की है , जिसमें रक्षा, सुरक्षा और व्यापार और निवेश के प्रमुख क्षेत्र शामिल रहे। इस द्विपक्षीय वार्ता के बाद पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-अमेरिका का साझा बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि भारत-अमेरिका के बीच 3 बिलियन डॉलर के एक बड़े रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

इस साझा बयान के दौरान ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों ने एक व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए सहमति जताई है और मैं आशा करता हूं कि दोनों देशों के लिए हम ये बहुत महत्व का सौदा कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब से मैंने पदभार संभाला है, भारत में अमेरिकी निर्यात लगभग 60% है और उच्च गुणवत्ता वाली अमेरिकी ऊर्जा का निर्यात 500% तक बढ़ा है।
ट्रंप ने कहा कि अपनी यात्रा के दौरान हमने एक सुरक्षित 5G वायरलेस नेटवर्क के महत्व पर चर्चा की और इस उभरती हुई तकनीक के लिए स्वतंत्रता, प्रगति, समृद्धि के लिए एक उपकरण होने की आवश्यकता है।
 ट्रंप ने ये भी कहा कि हमने अपाचे और एमएच-60 रोमियो हेलीकॉप्टर सहित दुनिया में बेहतरीन- उन्नत अमेरिकी सैन्य उपकरणों के 3 बिलियन डॉलर से अधिक की खरीद के लिए भारत के साथ समझौतों के साथ अपने रक्षा सहयोग का विस्तार किया। ये हमारी संयुक्त रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएंगे।
 ट्रंप ने हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कहा कि पिछले दो दिन, विशेषकर कल स्टेडियम में, यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी।
वहीं ट्रंप ने भारत-अमेरिका के बीच चल रही 'ट्रेड वार्ता' का भी जिक्र किया और माना कि भारत के साथ इस मुद्दे पर बात करना आसान नहीं है। मोदी को एक कठिन वार्ताकार (टफ नेगोशिएटर) बताते हुए उन्होंने कहा, ‘हम भारत के साथ एक शानदार ट्रेड समझौते पर बात शुरू कर चुके हैं जो दोनों देशों में निवेश करने को काफी आसान बना देगा। हम अभी तक का सबसे बड़ा ट्रेड समझौता करने जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि पीएम मोदी के साथ दोनों देशों को समान तौर पर फायदा पहुंचाने वाला समझौता करेंगे।’ ट्रंप पहले भी मोदी को हार्ड बार्गेनर बता चुके हैं।