सप्त दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला - एक नई सुबह की ओर | ARYA MAHILA PG COLLEGE NATIONAL WORKSHOP

भोजन से पर्याप्त पोषण प्राप्त करने के लिए हमें बहुत सी बातों का ध्यान रखना होगा जैसे भोजन पकाने और खाने की जगह, मनोवृत्ति, संगत, बर्तन आदि। [ARYA MAHILA PG COLLEGE NATIONAL WORKSHOP]

सप्त दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला - एक नई सुबह की ओर | ARYA MAHILA PG COLLEGE NATIONAL WORKSHOP
सप्त दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला - एक नई सुबह की ओर | ARYA MAHILA PG COLLEGE NATIONAL WORKSHOP

सप्त दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला - एक नई सुबह की ओर | ARYA MAHILA PG COLLEGE NATIONAL WORKSHOP

22 जुलाई 2020 को शाम 6 से 7 बजे ऑरोयुथ विंग, श्री ऑरोबिंदो सोसायटी, पुद्दुचेरी एवं आर्य महिला पी जी कॉलेज के सयुंक्त तत्वावधान में सात दिवसीय राष्ट्रीय ऑनलाइन कार्यशाला " एक नयी सुबह की ओर" के तीसरे दिन डॉ दीपिका बरनवाल, सहायक प्रवक्ता, गृहविज्ञान विभाग, आर्य महिला पी जी कॉलेज एवम् ऑरोयूथ एक्जीक्यूटिव, श्री अरविंद सोसाइटी,वाराणसी केन्द्र ने " हम और भोजन" विषय पर अपना वक्तव्य दिया। [ARYA MAHILA PG COLLEGE NATIONAL WORKSHOP]

उन्होंने भोजन के प्रति सही दृष्टिकोणों के कई पहलुओं को समझाया जैसे शारीरिक या भौतिक स्तर पर , मनोवैज्ञानिक स्तर एवम् आध्यात्मिक स्तर पर भोजन के शुद्धिकरण के क्या तरीके है। उनका कहना है कि संकट की इस घड़ी में जहां हम भोज्य सामग्रियों को बार बार धुल कर, उसे पका कर खा रहे है और सोच रहे है की भोजन हमें पर्याप्त पोषण दे देगा तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।

भोजन से पर्याप्त पोषण प्राप्त करने के लिए हमें बहुत सी बातों का ध्यान रखना होगा जैसे भोजन पकाने और खाने की जगह, मनोवृत्ति, संगत, बर्तन आदि। आध्यात्मिक स्तर पर हमें भोजन को भगवान को समर्पित करके पकाना और खाना चाहिए जिससे उसमे जो भी नकारात्मक तरंगे होगी वो ईश्वर दूर कर देगा और भोजन प्रशाद बन जाएगा। कभी सोचा है किसी ने की प्रसाद क्यों इतना स्वादिष्ट होता है। यही कारण है उसके पीछे। उन्होंने  सात्विक, राजसिक एवम् तामसिक भोजन की भी व्याख्या की इनका हमारे मनोवृत्ति पे क्या प्रभाव पड़ता है। श्री मां एवम् श्री अरविंद के भोजन पर इन सभी पहलुओं के विचारों से प्रतिभागियों को अवगत कराया।

श्रीनिवास मुलुगु ने कार्यक्रम का संचालन किया। तकनीकी सहयोग हर्षिता, ऑरोयूथ वॉलंटियर, हैदराबाद ने दिया। कार्यक्रम में डॉ शशिकांत दीक्षित, प्रो रचना दूबे, प्रो अखिलेश कुमार, डॉ बृजबाला सिंह, डॉ बिंदु लाहिड़ी, डॉ ऋचा मिश्रा, डॉ बंदना बाल चंदनानी ऑनलाइन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 300 प्रतिभागी शामिल थे।