शासन प्रशासन से नाराज गोड़ समाज का शास्त्रीघाट पर धरना जारी

वाराणसी के शास्त्रीघाट पर गोड़ समाज के लोगो के द्वारा कई मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन पिछले एक सप्ताह से जारी है दरसअल गोड़ समाज का कहना है| संसद द्वारा पारित अध्यादेश सन 2002 के बाद महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्वारा जारी अधिसूचना व सन 2003 में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी शासनादेश के पक्षात गोड खरदार धुरिया , राजगोड आदि जातियों को पूर्वाचल के 13 जिलों में अनुसूचित जनजाति किस श्रेणी में रखा गया है और उपरोक्त जातियों को सभी जातियों की भांति सवैधानिक सुविधाए देन का प्रावधान है |

शासन प्रशासन से नाराज गोड़ समाज का शास्त्रीघाट पर धरना जारी

वाराणसी के शास्त्रीघाट पर गोड़ समाज के लोगो के द्वारा कई मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन पिछले एक सप्ताह से जारी है दरसअल गोड़ समाज का कहना है| संसद द्वारा पारित अध्यादेश सन 2002 के बाद महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्वारा जारी अधिसूचना व सन 2003 में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी शासनादेश के पक्षात गोड खरदार धुरिया , राजगोड आदि जातियों को पूर्वाचल के 13 जिलों में अनुसूचित जनजाति किस श्रेणी में रखा गया है और उपरोक्त जातियों को सभी जातियों की भांति सवैधानिक सुविधाए देन का प्रावधान है |

सरदार जाति के लोग को जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य संवैधानिक सुविधाएं प्रदान करने हेतु 08-09-2009 में जिला मुख्यालय पर किए गए 18 दिवसीय आमंत्रण अनशन के पश्चात 5 सदस्यीय जिला स्तरीय समिति का गठन शासन द्वारा निर्देश के पश्चात् किया गया था . जिसमे तब तक के सभी शासन देशों का अध्ययन करते हुए स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि तहसीलदारों के मन में कुछ भ्रातियों के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है |

गोड़ समाज की प्रमुख मांग -

1.अन्य जातियों की भांति गोड़, वसावार जनजाति के लोगों को ऑनलाइन जाति प्रणाम पत्र जारी किया जाए ।

2.गोड जाति के लोगों से ईष्या वश नाजायज फायदा प्राप्त करने हेतु जनपद में अन्य जाति के लोग गलत साक्ष्यों के आधार पर जाति प्रमाण पत्र निरस्त कराने हेतु आए दिन शिकायत पत्र देते रहते हैं , और गोड जाति के लोगों का उत्पीड़न कर रहे हैं ऐसे शिकायत कर्ताओं की शिकायतों पर संज्ञान लेने से पूर्व शिकायत करने वालो से कम से कम 100000 कोषागार में प्रतिभूति के तौर पर जमा कराया जाए ।

3.आगामी पचायत चुनाव में गोड खरवार जाति के लोगों की जो सूचि बनाई गई है उसमें ब्लॉक स्तर पर निहायत उदासीन रवैया अपनाते हुए लगभग 50 % गावो में गोड व खरवार जनजाति की जनगणना शून्य दिखाई गई है इसे अविलम्ब चुनाव से पूर्व ठीक कराया जाए ।

4.गोड जाति के लोगों पर दर्ज फर्जी मुकदमों में सत्यता उजागर करने हेतु विवेचना पुनः कराई जाए ।

5 .महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्वारा जारी अधिसूचना व सरकारो ( केंद्र व राज्य ) द्वारा जारी शासनादेश के बावजूद जीन तहसीलों में जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए हैं उनकी CBI द्वारा जाच कराई जाए ।

 8. पूर्व में जारी जाति प्रमाण पत्रो ( सन 2003 के बाद ) को अस्वीकार करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध ठोस कार्यवाही |