अफगानिस्तान में सुरक्षा बल नाकाम सिखों पर एक के बाद एक आतंकी हमले |

हम बात कर रहे हैं अफगानिस्तान की जहां राजधानी काबुल के शोर बाज़ार स्थित गुरुद्वारे में घुसकर एक दर्दनाक आतंकी हमले को अंजाम दिया गया। जी हां बुधवार सुबह अरदास के लिए गुरुद्वारा पहुंचे लगभग डेढ़ सौ श्रद्धालुओं परआतंकियों नके अचानक घुस कर हमला करना शुरू कर दिया। तभी इस घटना से बिल्कुल अनजान श्रद्धालु डर कर इधर-उधर भागने लगे।

जहां एक ओर पूरी दुनिया कोरोना वायरस नाम के दानव के खिलाफ जंग में जुटी है वहीं दूसरी ओर दुनिया के कुछ देशों में इंसानी दानव मानवीयता पर लगातार प्रहार करने में जुटे हैं।
हम बात कर रहे हैं अफगानिस्तान की जहां राजधानी काबुल के शोर बाज़ार स्थित गुरुद्वारे में घुसकर एक दर्दनाक आतंकी हमले को अंजाम दिया गया। जी हां बुधवार सुबह अरदास के लिए गुरुद्वारा पहुंचे लगभग डेढ़ सौ श्रद्धालुओं परआतंकियों नके अचानक घुस कर हमला करना शुरू कर दिया। तभी इस घटना से बिल्कुल अनजान श्रद्धालु डर कर इधर-उधर भागने लगे।जिसके बाद अफगान सुरक्षा बल वहां पहुँच कर फायरिंग शुरू कर दी और लगभग पौने 6 घंटे की इस जंग के बाद चारों आतंकियों को ढेर कर ,80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। लेकिन इस दौरान 25 सिखों ने अपनी जान गंवा दी।

लेकिन यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ गुरुद्वारे के आत्मघाती हमले के 24 घंटे के भीतर ही फिर हमला किया गया। जहां काबुल के क्रीमेशन साइट जहां पर हमले का शिकार हुए सीखो के अंतिम संस्कार के प्रक्रिया चल रही थी वहीं एक भीषण बम विस्फोट किया गया। और इस हमले में एक बच्चा बुरी तरह जख्मी हो गया।

साथ ही इस दर्दनाक आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली है। बता दे कि 2018 में भी ऐसी ही घटना को अंजाम दिया गया था।जब अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक सिखों और हिंदुओं के राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात के लिए निकले काफिले पर आत्मघाती हमला किया गया था,जिसकी की भी जिम्मेदारी इसी संगठन ने ली थी।

इन हमलों से अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू व सिख समुदाय बहुत डर गया  है और भारी संख्या में लोगों ने देश छोड़कर भारत में शरण मांगी है।