अपनी प्रमुख मांगो को लेकर अधिवक्ताओ ने मुख्यालय पर किया प्रदर्शन किसान कानून को बताया काला कानून

वाराणसी जिला मुख्यालय पर अधिवक्ता अपने 7 सूत्री मांगो को ले कर पहुंच धरना प्रदर्शन कर रहे है इस दौरान अधिवक्ताओं के द्वारा विरोध मार्च भी निकाला गया और कई मुद्दे को ले कर जिलामुख्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन भी किया इस दौरान सरकार के किसान कानून को काला कानून बता कर विरोध करते हुवे इस नए किसान कानून को वापस लेने की मांग करते हुवे सरकार पर सवाल उठाए

अपनी प्रमुख मांगो को लेकर अधिवक्ताओ ने मुख्यालय पर किया प्रदर्शन किसान कानून को बताया काला कानून
वाराणसी जिला मुख्यालय पर अधिवक्ता अपने 7 सूत्री मांगो को ले कर पहुंच धरना प्रदर्शन कर रहे है इस दौरान अधिवक्ताओं के द्वारा विरोध मार्च भी  निकाला गया और कई मुद्दे को ले कर जिलामुख्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन भी किया इस दौरान सरकार के किसान कानून को काला कानून बता कर विरोध करते हुवे इस नए किसान कानून को वापस लेने की मांग करते हुवे सरकार पर सवाल उठाए है अधिवक्ताओं की मांग है किसान विरोधी कृषि कानून को सरकार तत्काल संसद के माध्यम से निरस्त करें और जितनी जल्दी हो सके न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार तत्काल कानून बनाए |


साथ ही अधिवक्ताओ के इन प्रमुख मांगो में से एक मांग थी की सरकार किसान आंदोलन में शहीद होने वाले किसानों को शहीद का दर्जा देकर कम से कम 25 लाख रुपए और एक नौकरी दे इसके साथ ही बनारस के किसान आंदोलन से जुड़े नेताओं के ऊपर लगाए गए गुंडा एक्ट व फर्जी मुकदमे तत्काल वापस ले|


 ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव व पिछड़ी जाति के लोगों का जातिगत जनगणना कराया जाए| अधिवक्ताओ ने चेतावनी देते हुवे कहा है की सरकार को इन मुद्दों पर ध्यान देना होगा नहीं तो बड़ा आंदोलन किया जा सकता है| अधिवक्ताओ ने आज जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को सम्बोधित कर 7 सूत्री ज्ञापन दिया है