वाराणसी में इंसानीयत हुई शर्मशार, माँ के कदमों में निकली बेटे की तड़प-तड़प के जान

कोरोना संक्रमण के चलते इलाज के अभाव में रोज मरीज मर रहे हैं, लेकिन प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंग रही है। सोमवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया जहां इलाज के अभाव में एक युवक ने अपनी मां के कदमों में दम तोड़ दिया।

वाराणसी में इंसानीयत हुई शर्मशार, माँ के कदमों में निकली बेटे की तड़प-तड़प के जान

कोरोना संक्रमण के चलते इलाज के अभाव में रोज मरीज मर रहे हैं, लेकिन प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंग रही है। सोमवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया जहां इलाज के अभाव में एक युवक ने अपनी मां के कदमों में दम तोड़ दिया।

 

जौनपुर जिले के मडियांहू निवासी विनय सिंह का भतीजा विनीत सिंह मुंबई में काम करता था। बीते दिसंबर माह में वह शादी समारोह में आया तभी से गांव में ही रुक गया था। उस समय उसकी तबीयत खराब होने पर परिवार के लोगों ने जौनपुर में एक डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने किडनी में समस्या बताई युवक के बड़े पिता विनय सिंह ने बताया कि दिसंबर से लगातार पांच बार इलाज के लिए बीएचयू अस्पताल में जाकर लाइन लगाई लेकिन किसी डॉक्टर ने नहीं देखा।युवक मुंबई में काम करता था और अपने घर जौनपुर में आया था किडनी में प्रॉब्लम होने पर बीएचयू में आया था एडमिट न होने पर ककरमत्ता स्थित एक निजी अस्पताल में आया तो उसने भी भर्ती नही लिया उसके बाद रिक्से पर उसकी मौत हो गयी।इलाज के अभाव में मां के पैर पर प्राण त्यागने की ये तस्वीर रोंगटे खड़े करने वाली है।धिक्कार है ऐसे नकारा सरकार और सिस्टम पर जो इलाज की व्यवस्था तक नहीं दे पा रहा है।

 


सोमवार को तबीयत ज्यादा खराब हुई तो अपनी मां चंद्रकला सिंह के साथ वह इलाज के लिए बीएचयू आया था। जब वहां डॉक्टरों ने कोरोना की वजह से नहीं देखा तो ककरमत्ता स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गए। वहां भी उसे भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उसकी मां की कदमों में तड़प-तड़प कर मौत हो गई। युवक चार भाई व एक बहन में तीसरे नंबर का था।