राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से फ्रॉड करने वाले 4 लोग गिरफ्तार , मास्टरमाइंड अब भी फ़रार

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से फ्रॉड के जरिए निकाले गए 6 लाख रुपये के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. अयोध्या पुलिस ने महाराष्ट्र के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मास्टरमाइंड अब तक फरार है. मास्टरमाइंड बाबा विश्वनाथ के शहर काशी का रहने वाला है, जबकि वर्तमान में वह मुंबई में रह रहा था.

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से फ्रॉड करने वाले 4 लोग गिरफ्तार , मास्टरमाइंड अब भी फ़रार

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से फ्रॉड के जरिए निकाले गए 6 लाख रुपये के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. अयोध्या पुलिस ने महाराष्ट्र के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मास्टरमाइंड अब तक फरार है. मास्टरमाइंड बाबा विश्वनाथ के शहर काशी का रहने वाला है, जबकि वर्तमान में वह मुंबई में रह रहा था.

बता दें कि ट्रस्ट के खाते से 9 सितंबर 2020 को 6 लाख रुपये जालसाजों ने दूसरे खाते में ट्रांसफर करा लिए थे. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अयोध्या कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था. जिस खाते में रामलला का पैसा ट्रांसफर हुआ था उस खाते को पुलिस ने तुरंत ही सीज करवा दिया था.

इन चारों अभियुक्तों की गिरफ्तारी अयोध्या में राम की पैड़ी के पास दिखाई गई है. पुलिस की माने तो इन चारों आरोपियों को जांच के लिए बुलाया गया था और पूछताछ के दौरान इन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया.

गिरफ्तार आरोपियों में प्रशांत महाबल शेट्टी, विमल लल्ला, शंकर सीता राम और संजय तेजराज है. ये सभी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. अयोध्या पुलिस की मानें तो यह चेक क्लोनिंग का मामला है. बैंक के अधिकारी या कर्मचारी भी क्या इस मामले में शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है.

दरअसल ट्रस्ट के खाते में 9 लाख 86 हजार रुपये जमा थे, जिसमें 6 लाख रुपये की लिमिट लगाई गई थी, जिसे आरोपियों ने 2 लाख 50 हजार रुपये एक बार और दूसरी बार 3 लाख 50 हजार रुपये ट्रस्ट के खाते से पैसा ट्रांसफर करवाया.

अयोध्या के एसएसपी दीपक कुमार ने कहा कि जिस खाते में रामलला का पैसा ट्रांसफर हुआ था उस खाते को सीज करवा दिया गया है और मामले के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.

दीपक कुमार ने बताया कि चारों आरोपियों की गिरफ्तारी अयोध्या के ही राम की पैड़ी से की गई. चारों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था जिसके बाद उन्होंने अपना जुर्म कबूल किया और उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय के सामने पेश किया गया.