20 एकड़ में बनेगा ओडीओपी उद्यमियों के लिए तकनीकी दक्षता केंद्र | उत्तर प्रदेश समाचार | ZNDM NEWS |

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट एक जिला एक उत्पाद के उद्यमियों के लिए तकनीकी दक्षता केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। इन केंद्रों में एक जिला एक उत्पाद योजना से जुड़े लाभार्थियों के कारोबार एवं कौशल को बढ़ाने के लिए शोध  एवं प्रशिक्षक के कार्य होंगे। इन प्रत्येक केंद्र पर 200-200 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट एक जिला एक उत्पाद के उद्यमियों के लिए तकनीकी दक्षता केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। इन केंद्रों में एक जिला एक उत्पाद योजना से जुड़े लाभार्थियों के कारोबार एवं कौशल को बढ़ाने के लिए शोध  एवं प्रशिक्षक के कार्य होंगे। इन प्रत्येक केंद्र पर 200-200 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। पहले 03 जिले गोरखपुर, झांसी और वाराणसी में  होगा इन केंद्रों  का निर्माण |

4 फरवरी को लखनऊ के मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में इस को प्रोजेक्ट 15 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान की थी। लेकिन उद्यमियों की सहूलियत के लिए इसे गोरखपुर के भटहट में शिफ्ट किया है। एक जिला एक उत्पाद योजना के लाभार्थियों एवं लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए गोरखपुर का तकनीकी दक्षता केंद्र अब भटहट में 20 एकड़ जमीन पर निर्मित किया जाएगा। इसके अलावा औरंगाबाद में टेरेकोटा भवन का निर्माण 2011-12 में बना था लेकिन धनाभाव में यह अधूरा रह गया। इस भवन के जीर्णोद्धार के लिए 30 लाख रुपये जारी भी कर दिए गए।

*निर्यात योग्य उत्पाद बनाने पर रहेगा जोर
इन केंद्रों में लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों को तकनीकी रुप से दक्ष बनाने में मदद मिलेगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निर्यात को  प्रोत्साहन मिलेगा| इन केंद्रों में खादी एवं ग्रामोद्योग ,नए उद्यमियों का कौशल विकास करने, ODOP योजना से जुड़े लाभार्थियों को कारोबार संबंधी जानकारियां प्रदान करने के साथ शोध कार्य भी कराये जाएंगे | इस तकनीकी केंद्र के जरिए एक जिला एक उत्पाद योजना के उद्यमी अपने उत्पाद की  तरक्की  के साथ उन्हें निर्यात योग्य बनाने में भी सक्षम होंगे। यहां नई डिजाइन के साथ नई तकनीकी के संबंध में भी जानकारी प्रदान की जाएगी ताकि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के मुताबिक अपने उत्पाद को बना सके। यहां कारीगरों को प्रशिक्षण भी मिलेगा। ताकि लघु एवं मध्यम उद्योगों को उनकी जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित कारीगर भी मिल सके।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी की इस योजना से लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्यमियों को अपने उत्पादों को तकनीकी रुप से सक्षम व  राष्ट्रीय  और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पेशेवर बनाने में मदद मिलेगी|