क्या नए कृषि बिल से हो रही है प्याज,आलू की जमाखोरी, दिवाली के बाद भी नहीं गिरे दाम

म की मार को देखते हुए व्यापारियों ने इसकी जमाखोरी करनी शुरू कर दी है| एसेंशियल कमोडिटी एक्ट में संशोधन के बाद अब जमाखोरी लाइसेंसी होगई है| पिछले साल 29 सितंबर को थोक विक्रेताओं को 50 मिट्रिक टन और खुदरा के लिए 10 मिट्रिक टन भंडारण का स्टॉक तय किया था| तब इससे ज्यादा जमाखोरी करते वक्त व्यापारी थोड़ा डरते थे .....

क्या नए कृषि बिल से हो रही है प्याज,आलू की जमाखोरी, दिवाली के बाद भी नहीं गिरे दाम

लगातार बढ़ते आलू-प्याज के दामों का सीधा असर आम-आदमी की रसोई पर पड़ा रहा है |  इस बढ़ोत्तरी के बाद भी  उम्मीद जताई जा रही थी कि दिवाली बीतने के बाद शायद कीमत में कुछ गिरावट आए,लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ कीमतों में  कोई खास कमी नहीं आई है|  दिवाली के बाद भी आलू और प्याज के दाम उंचे  स्तर पर बने हुए हैं|  डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स पर दिए गए प्राइस रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को दिल्ली में आलू का रिटेल भाव 45 रुपये प्रति किलो और प्याज 55 रुपये प्रति किलो बना हुआ है| अगर प्याज की कीमत की बात करें तो रिपोर्ट के मुताबिक 17 अक्टूबर को प्याज का दाम 43 रुपये प्रति किलो था जबकि 13 दिनों बाद ही यानी 3 नवंबर को इसकी कीमत बढ़कर 62 रुपये प्रति किलो हो गई|  पिछले हफ्ते 56 रुपये प्रति किलो के भाव पर और 17 नवबंर को 55 रुपये प्रति किलो बिका|  वहीं आलू 17 अक्टूबर को दिल्ली में आलू की कीमत 40 रुपये प्रति किलो थी जो 17 नवंबर को बढ़कर 45 रुपये प्रति किलो हो गई|  

 न्यूज़ 18 के मुताबिक ,कृषि विशेषज्ञ बिनोद आनंद ने कहा कि प्याज की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह फसल का खराब होना है| महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश से इस समय खरीफ की प्याज बाजार में आती थी|  लेकिन, इन राज्यों में भारी बारिश के चलते 40 45 फीसदी फसल खराब हो गई है|  आमतौर पर नवरात्रि में प्याज की खपत कम हो जाती है इसलिए रेट घट जाता है, लेकिन इस बार कीमत कमी की बजाए बढ़ोत्तरी ही दर्ज की गई|  ऐसे हालात में इस साल प्याज सस्ता होना मुश्किल है| 

जमाखोरी बिनोद आनंद ने आगे बताते हुए कहा  हैं कि मौसम की मार को देखते हुए व्यापारियों ने इसकी जमाखोरी करनी शुरू कर दी है| एसेंशियल कमोडिटी एक्ट में संशोधन के बाद अब जमाखोरी लाइसेंसी हो गई है|  पिछले साल 29 सितंबर को थोक विक्रेताओं को 50 मिट्रिक टन और खुदरा के लिए 10 मिट्रिक टन भंडारण का स्टॉक तय किया था|  तब इससे ज्यादा जमाखोरी करते वक्त व्यापारी थोड़ा डरते थे| आपको बता दे की नए कृषि बिल 2020 में एसेंशियल कमोडिटी एक्ट संशोधन से आलू प्याज और डाले जैसे खाद्य पदार्थ को हटा दिया गया है जिसके चलते व्यापारी इसकी जमाखोरी कर रहे है | माना जा रहा है की ये भी एक कारन है प्याज आलू के बढ़ते दामों का |