वर्ल्ड मीडिया ने सराहा जनता कर्फ्यू मुहिम को - कहा 1.3 अरब की जनसंख्या वाले देश की अनोखी पहल coronavirus के खिलाफ जंग की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर जनता कर्फ्यू का असर देशभर में दिखा। कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई और इस लड़ाई को लड़ रहे लोगों को समर्थन के लिए रविवार शाम 5 बजे पूरे देश में तालियां और शंख बजाए गए। जनता कर्फ्यू का जिक्र वर्ल्ड मीडिया में भी रहा। अल जजीरा ने लिखा कि मोदी की अपील पर शहर वीरान हो गए। पाकिस्तान के न्यूज पेपर द डॉन ने लिखा कि मोदी की अपील ने सड़कों से भीड़ गायब कर दी। इसके साथ ही ब्रिटेन और रूस के मीडिया हाउस ने भी जनता कर्फ्यू को कवर किया।

वर्ल्ड मीडिया ने सराहा जनता कर्फ्यू मुहिम को - कहा 1.3 अरब की जनसंख्या वाले देश की अनोखी पहल coronavirus के खिलाफ जंग की
वर्ल्ड मीडिया ने सराहा जनता कर्फ्यू मुहिम को - कहा 1.3 अरब की जनसंख्या वाले देश की अनोखी पहल coronavirus के खिलाफ जंग की

वर्ल्ड मीडिया ने सराहा जनता कर्फ्यू मुहिम को - कहा 1.3 अरब की जनसंख्या वाले देश की अनोखी पहल coronavirus के खिलाफ जंग की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर जनता कर्फ्यू का असर देशभर में दिखा। कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई और इस लड़ाई को लड़ रहे लोगों को समर्थन के लिए रविवार शाम 5 बजे पूरे देश में तालियां और शंख बजाए गए। जनता कर्फ्यू का जिक्र वर्ल्ड मीडिया में भी रहा। अल जजीरा ने लिखा कि मोदी की अपील पर शहर वीरान हो गए। पाकिस्तान के न्यूज पेपर द डॉन ने लिखा कि मोदी की अपील ने सड़कों से भीड़ गायब कर दी। इसके साथ ही ब्रिटेन और रूस के मीडिया हाउस ने भी जनता कर्फ्यू को कवर किया।

अल जरीरा
जनता कर्फ्यू के दिन शहर वीरान हो गए। लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर समर्थन दिया और सड़कों पर नहीं निकले। नई दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में सड़कें खाली हो गईं।
द डॉन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को लाखों भारतीय घरों के अंदर रहे। जनता कर्फ्यू स्वैच्छिक था और लोगों के आने जाने पर प्रतिबंध नहीं था, लेकिन मोदी की अपील ने यहां सड़कों से भीड़ गायब कर दी।
द गार्जियन


ब्रिटेन के न्यूज पेपर ने लिखा कि प्रधानमंत्री की अपील पर 1.3 अरब की जनसंख्या ने भरपूर समर्थन दिखाया और कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए घरों से नहीं निकले। कर्फ्यू शुरू होने के बाद, यहां कई राज्यों को लंबे समय के लिए लॉकडाउन करने की घोषणा कर दी गई। रेलवे को रोक दिया गया, जिसमें हर दिन 2.3 करोड़ लोग यात्रा करते हैं। शाम को लोगों ने बालकनी पर ताली बजाकर स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

रशिया टुडे
रूसी मीडिया संस्थान ने लिखा कि कोविड-19 के प्रति जागरुकता लाने और हालात से निपटने के लिए भारत में 14 घंटे का स्वैच्छिक कर्फ्यू लगाया गया। इस दौरान लोगों की सोशल आइसोलेशन और क्वारैंटाइन में रहने की तैयारी को भी परखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान को भी प्रकाशित किया गया, जिसमें उन्होंने देशवासियों से कहा था- हम सब इस कर्फ्यू का हिस्सा बनें, जिससे देश को इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में ताकत मिलेगी।

बीबीसी

बीबीसी ने लिखा कि भारत में एक अरब से ज्यादा लोगों ने रविवार को 14 घंटे लंबे जनता कर्फ्यू का पालन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे कोरोनावायरस से लड़ाई में मदद मिलने की बात कही थी। पिछले हफ्ते देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा था कि यह वायरस के खिलाफ जंग में देश की तैयारी की परीक्षा होगी। मोदी ने लोगों से रविवार को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक घरों के अंदर रहने को कहा था।