वाराणसी के गोपाल ने लॉकडाउन में ऐसा काम की जिससे बचेगी हजारों चिड़ियों की जान

कोरोना वायरस से लड़ते हुए घर पर रहना, आज की परिस्थिति में देश-सेवा से कम नहीं है। यदि आप घर पर ही हैं, तो आज आपसे बड़ा हीरो कोई नहीं है।

वाराणसी के गोपाल ने लॉकडाउन में ऐसा काम की जिससे बचेगी हजारों चिड़ियों की जान

 

उत्तर प्रदेश, वाराणसी के गोपाल कुमार, जो लॉकडाउन के इस समय में 100 गमले और 150 से ज्यादा घोसलें तैयार कर रहे हैं जिन्हें वह लॉकडाउन खत्म होने पर पूरे शहर में अलग अलग जगह लगाएंगे।

गोपाल कुमार (अध्यक्ष) वीवंडर फाउंडेशन  कहते है लॉक डाउन के दौरान मैंने गौरैया के रहने के लिए 150 से अधिक  घोसले और 100 गमले तैयार किया और उस गमले पर चिड़िया की आकृति बनाई इस माध्यम से मैं समाज को यही संदेश देना चाहता हूं कि कि कोरोना के इस वैश्विक महामारी के दौरान सभी लोग अपने घर रहे सुरक्षित रहे और चिड़ियों और जीव जंतुओं के लिए अपने घरों में छत पर बालकनी में दाना और पानी रखें और गमले पर चिड़िया  का कृति बनाने के बाद का कारण यह भी था कि एक संदेश देना चाहता हूं कि आप पौधा लगाएं इस गमले में और चिड़ियों को भी संरक्षित और संरक्षण करें ।इस लोकडाउन दौरान मैंने कुछ वेस्ट मटेरियल का प्रयोग करते हुए कुछ कलाकृति बनाई जिसके माध्यम से यही संदेश में देना चाहूंगा आप सभी इस कोरोना महामारी से बचने के लिए घर पे रहे, घर के अंदर रहे और सुरक्षित रहें और सरकार द्वारा दिशानिर्देशों का पालन करें।

जैसा की आप सभी को मालूम है गर्मी शुरू हो गई है और जीव जंतुओं को चिड़ियों के लिए पानी ही पानी बहुत ही आवश्यक है तो आप सबसे यही अपील और निवेदन है कि आप अपने घरों की छतों पर बालकनी में या जहां संभव हो सके वहां उनके लिए पाना पानी और दाना रखने का प्रबंध करें।


जैसा कि आपको ज्ञात है गोपाल कुमार ने इससे पूर्व  4000 से अधिक घोसले शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में लगाए हैं और 7000 से अधिक पौधारोपण भी किया  है।