46 दिन बाद योगी सरकार का फैसला, शर्तो के साथ आज से ग्रीन जोन में चलेंगी UP रोडवेज बसे |

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की वजह से लगातार चल रहे लॉकडाउन की वजह से काफी नुकसान हुवा है| साथ ही आम जनता को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है| इसी क्रम में जब लाकडाउन 3.0 का ऐलान हुवा तब से ही एक-एक कर कई रियायतें व सहूलियत लोगों को दी जा रही हैं ताकि जनता की परेशानी कुछ हद तक कम हो सके . इस बीच UP सरकार ने आज यानी 6 मई से ग्रीन जोन में कुछ शर्तों के साथ यूपी रोडवेज (UP Roadways) के बसों का संचालन शुरू कर दी है |

46 दिन बाद योगी सरकार का फैसला, शर्तो के साथ आज से ग्रीन जोन में चलेंगी UP रोडवेज बसे |

 

46 से बंद यूपी अब धीरे धीरे ही सही पटरी पर आरही है, 22 मार्च के बाद से लोगो के लिए रोडो पर निकलना मुश्किल था, कही जाने के लिए भी पावंदी थी lockdown 3 में कुछ राहत मिली जरूर है और कुछ मिलने वाली है। इसके साथ ही अब यूपी सरकार रोडवेज बसें को चलाने पर विचार कर रही है। शर्तो के हिसाब से बसों का संचालन ग्रीन जोन से ग्रीन जोन वाले जिलों में ही होगा | इस दौरान बसों को चलाने से पहले और यात्रियों को उनके गंतव्य तक छोड़ने के बाद सैनीटाइज करना जरुरी है| यात्रियों के साथ साथ  कंडक्टर और ड्राइवर को भी मास्क पहनना अनिवार्य होगा | और बसों में बस 26 यात्रियों को बैठाया जाएग | ये चेतावनी भी जारी की गई है की अगर बीच में रेड या ऑरेंज जोन का जिला पड़ेगा तो वहां से न तो सवारियां लेनी है और न ही बस वहां रुकेगी. साथ ही टास्क फ़ोर्स के माध्यम से इन बसों की निगरानी की जाएगी| एक समाचार एजेंसी के अनुसार परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ राजशेखर ने मंगलवार को इस सम्बन्ध में सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग कर दिशा निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा है कि ग्रीन जोन के अंदर के जिलों में ये बसें कस्बे और तहसील मुख्यालय तक जाएंगी |

प्रदेश सरकार के निर्देश पर परिवहन निगम अब ग्रीन जोन जिलों में अपनी रोडवेज चलाएगा। रोडवेज बसें एक ग्रीन जोन से दूसरे ग्रीन जोन के बीच चलेंगी। बीच में कोई भी ऑरेन्ज या रेड जोन का जिला पड़ेगा तो वहां से न तो सवारियां ली जाएंगी और न ही वहां बसें रुकेंगी। बस को सैनिटाइज करके चलाया जाएगा।

चालक, परिचालक समेत सभी यात्रियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। चालक-परिचालक वर्दी में रहेंगे। ये रोडवेज बसें केन्द्र सरकार की गाइड लाइन के तहत 50 फीसदी की क्षमता के साथ चलेंगी। यात्री सोशल डिस्टैन्सिंग का पालन करते हुए बसों में बैठेंगे। अभी फिलहाल ग्रीन जोन के 12 जिलों में 500 बसें चलाने की योजना है।

यह निर्देश परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डा. राज शेखर ने मंगलवार को सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग करके दिए हैं। उन्होंने बताया कि ग्रीन जोन के अंदर के जिलों में ये बसें कस्बे और तहसील मुख्यालय तक जाएंगी। इसके साथ ही एक ग्रीन जोन जिले से दूसरे ग्रीन जोन जिले के बीच ही चलेंगी। बस में चढ़ने से पहले यात्री को सैनिटाइजर से हाथ साफ कराने के लिए परिवहन कर्मी लगाए जाएंगे। सभी परिवहन कर्मियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। बस के गेट पर यात्रियों को मॉस्क पहनना अनिवार्य का संदेश चस्पा करना होगा। प्रबंध निदेशक ने यह भी बताया कि बसों में 26 से 30 तक यात्रियों को बिठाने की अनुमति होगी। ज्यादा यात्री होने पर दूसरी बस से यात्रियों को भेजना होगा। बसों की टाइमिंग, शेडयूल और बस की संख्या के बारे में परिस्थितियों के अनुसार क्षेत्रीय प्रबंधक फैसला लेंगे।

बतादे अभी तक यूपी में 12 जिले ग्रीन जोन घोषित किये गए हैं| और इन्ही जिलों से 500 बसों का संचालन 6 मई यानी आज से शुरू हो रहा है. जिन जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया है वे जिले हैं  चंदौली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, हमीरपुर, ललितपुर लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, अम्बेडकरनगर, बलिया,, सोनभद्र व अमेठी|