सूरज की तेज रोशनी और उमस में कमजोर पड़ रहा है कोरोना वायरस

अमेरिकी सरकार की तरफ से हुई रिसर्च में दवा किया जा रहा है कि सूरज की तेज रोशनी, ज्यादा गर्मी और उमस में कोरोना वायरस कमजोर पड़ रहा है गुरुवार को अमेरिका के एक अधिकारी ने कहा है कि ऐसा लग रहा है कि कोरोना वायरस का आसर सूरज की तेज रोशनी और उमस में कमजोर पड़ रहा है। इस अधिकारी ने दावा किया है कि आने वाले मौसम में जब गर्मियां शुरू हो जाएंगी तो महामारी के संक्रमण की आशंका कम हो सकती है।

सूरज की तेज रोशनी और उमस में कमजोर पड़ रहा है कोरोना वायरस

 

अमेरिकी सरकार की तरफ से हुई रिसर्च में इस बात को साबित किया गया है कि वायरस घर के अंदर और शुष्‍क परिस्थितियों में जिंदा रहता है लेकिन जैसे ही यह ज्‍यादा तापमान और उमस के माहौल में आता है, कमजोर पड़ जाता है।रिसर्च में जो नतीजे आए हैं उनसे उम्‍मीद जगी हैं कि कोरोना वायरस दूसरी बीमारियों जैसे फ्लू की तरह ही बर्ताव करेगा जो गर्म मौसम में कम संक्रामक होती हैं। लेकिन कोरोना वायरस सिंगापुर जैसे देशों में खतरनाक साबित हो रहा है जहां पर मौसम गर्म ही रहता है। राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रप ने कहा कि रिसर्च के नतीजों में सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्‍होंने साथ ही पुरानी रिसर्च का हवाला भी दिया जिसमें कहा गया था कि कोरोना वायरस गर्मी के मौसम में कमजोर पड़ सकता है।

व्‍हाइट हाउस में न्‍यूज ब्रीफिंग के दौरान होमलैंड सिक्‍योरिटी के साइंस एंड टेक्‍नोलॉजी के कार्यकारी मुखिया विलियम ब्रायन ने कि उनके रिसर्च में ये बात सामने आयी है कि  'वायरस सूरज की तेज रोशनी में शीघ्रता से खत्‍म हो जाता है।'

अमेरिकी सरकार की तरफ से हुई रिसर्च में इस बात को साबित किया गया है कि वायरस घर के अंदर और शुष्‍क परिस्थितियों में जिंदा रहता है लेकिन जैसे ही यह ज्‍यादा तापमान और उमस के माहौल में आता है, कमजोर पड़ जाता है।रिसर्च में जो नतीजे आए हैं उनसे उम्‍मीद जगी हैं कि कोरोना वायरस दूसरी बीमारियों जैसे फ्लू की तरह ही बर्ताव करेगा जो गर्म मौसम में कम संक्रामक होती हैं। लेकिन कोरोना वायरस सिंगापुर जैसे देशों में खतरनाक साबित हो रहा है जहां पर मौसम गर्म ही रहता है। राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रप ने कहा कि रिसर्च के नतीजों में सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्‍होंने साथ ही पुरानी रिसर्च का हवाला भी दिया जिसमें कहा गया था कि कोरोना वायरस गर्मी के मौसम में कमजोर पड़ सकता है।

राष्‍ट्रपति ट्रंप ने ब्रीफिंग में कहा, 'मैंने पहले भी कहा था कि कोरोना वायरस गर्मी और तेज रोशनी में खत्‍म हो सकता है मगर तब लोगों को मेरा बयान पसंद नहीं आया था।' अमेरिका के 16 राज्‍य अर्थव्‍यवस्‍था को फिर से खोलने और प्रतिबंधों में ढील देने की योजना बना रहे हैं। जॉर्जिया और साउथ कैरोलिना में लोगों को फिर से बिजनेस खोलने की मंजूरी दे दी गई है। ट्रंप के प्रशासन का कहना है कि राज्‍यों के पास जब तक इस बात का प्रमाण नहीं है कि उनके यहां संक्रमण के केसेज में कमी आई है, तब तक उन्‍हें थोड़ा इंतजार करना चाहिए।

आपको बता दें, इस वायरस  सबसे ज्यादा प्रभावित होने वालो देशो में अमेरिका सबसे आगे है | कोरोना की वजह से अब तक अमेरिका में 50,243 लोगों की मौत हो चुकी है और 886,709 लोग इससे प्रभावित हैं।

कुछ दिनों पहले प्रतिष्ठित  मेसाच्‍यूसेट्स इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी (MIT) की  एक रिसर्च में भी इसी तरह का दावा किया गया है। एमआईटी की तरफ से हुई रिसर्च में कहा गया था कि जिन जगहों पर तापमान 4 से 10 डिग्री के बीच था वहां पर कोरोना वायरस के नए केसेज में तेजी से इजाफा हुआ था। रिसर्च के मुताबिक 10 मार्च के बाद केसेज में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई थी और जिन जगहों पर तापमान 18 डिग्री से नीचे रहा वहां पर मरीजों की संख्‍या बढ़ी थी। हालांकि कुछ लोगों ने रिसर्च को मानने से इनकार कर दिया था।