सुकन्या समृद्धि योजना | सुकन्या समृद्धि योजना के नियमो में कई बदलाव | ZNDM NEWS

सुकन्या समृद्धि योजना के नियमो में सरकार  ने कई  बदलाव किये हैं |  वित्त मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी कर के इन बदलावों के बारे में बताया | आपको बता दे की बेटियों का भविष्य वित्तीय रूप से सुरक्षित करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना  सबसे बेहतर निवेश योजना माना जाता  है,  इसका सबसे बड़ा कारण है कि यह एक सरकारी स्कीम है जिसमे सिर्फ 250 रुपये से अकाउंट खोला जा सकता है,वही छोटी-छोटी बचत के जरिये बच्चे की शादी या उच्च शिक्षा के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में रकम जमा कर सकते हैं और इसमें बेहतर रिटर्न भी मिलता है |

सुकन्या समृद्धि योजना के नियमो में सरकार  ने कई  बदलाव किये हैं |  वित्त मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी कर के इन बदलावों के बारे में बताया | आपको बता दे की बेटियों का भविष्य वित्तीय रूप से सुरक्षित करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना  सबसे बेहतर निवेश योजना माना जाता  है,  इसका सबसे बड़ा कारण है कि यह एक सरकारी स्कीम है जिसमे सिर्फ 250 रुपये से अकाउंट खोला जा सकता है,वही छोटी-छोटी बचत के जरिये बच्चे की शादी या उच्च शिक्षा के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में रकम जमा कर सकते हैं और इसमें बेहतर रिटर्न भी मिलता है| उच्च शिक्षा और शादी के लिए बचत करने के लिहाज से केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना एक अच्छी निवेश योजना है | इस निवेश स्कीम में पहले भी सरकार ने कई बदलाव किए  हैं| 12 दिसंबर 2019 के एक नोटिफिकेशन में इस बारे में बताया गया है| वित्त मंत्रालय के मुताबिक  सुकन्या समृद्धि स्कीम में एक बार फिर से बदलाव किया गया है, . आइए आपको बताते हैं इस स्कीम से जुड़ी सभी जानकारी..

सुकन्या योजना के नए नियमों के तहत अगर तय समय से पहली किसी सुकन्या अकाउंट को बंद कर दिया जाता है तो अब सरकार द्वारा इसकी इजाजत है|   पहले सुकन्या स्कीम में बच्ची की मौत या उसके निवास स्थान में बदलाव के बाद ही अकाउंट बंद करने की सुविधा थी|  लेकिन अब बच्ची को किसी गंभीर बीमारी या माता-पिता की मृत्यु की स्थिति में भी सुकन्या अकाउंट बंद किया जा सकता है|

सुकन्या योजना के नए नियमों में अगर आप किसी वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये की रकम भी जमा नहीं कर पाते हैं तब भी इसे डिफॉल्ट अकाउंट ही माना जायेगा| नए नियम के मुताबिक डिफॉल्ट अकाउंट में जमा रकम पर भी वहीं ब्याज मिलेगा जो नियमित अकाउंट पर मिलता है|

पहले सुकन्या अकाउंट में यह सुविधा थी कि बच्ची 10 साल की उम्र के बाद अपने सुकन्या अकाउंट को ऑपरेट कर सकती है| नए नियम के अनुसार  सुकन्या अकाउंट बच्ची के 18 साल का होने तक नहीं चलाया जा सकता इसके पहले सुकन्या अकाउंट बच्ची के अभिभावक ही चला सकते हैं|

अगर आपके पास दो से अधिक बेटियां हैं तो उसके लिए खोले जाने वाले सुकन्या समृद्धि अकाउंट के नियम भी बदल गए हैं| अगर आप दो बेटी से अधिक के लिए सुकन्या अकाउंट खोल रहे हैं तो उनके बर्थ सर्टिफिकेट के साथ एक एफ्फिडेविट भी देने की जरूरत है| पुराने नियम में अभिभावक को मेडिकल सर्टिफिकेट देना पड़ता था|

इनके अलावा सुकन्या अकाउंट से संबंधित कई प्रावधान बदल दिए गए हैं और कुछ के बारे में स्पष्टीकरण दिया गया है| नए नियम में गलती से जमा ब्याज को वापस लेने से रोका गया है| अब सुकन्या अकाउंट में हर वित्त वर्ष के आखिर में ब्याज दिया जायेगा