श्रम मंत्रालय ने जारी किया आदेश अगर काटा वेतन तो सम्बंधित कंपनी के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

कोरोना वायरस की वजह से पुरे देश में इस वक्त लॉक डाउन चल रहा है | लॉकडाउन की वजह से ज्यादा तर कर्मचारी घर बैठे काम कर रहे है | और सभी कर्मचारियों के वेतन को ले कर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है दरअसल ,कुछ कर्मचारियों,यूनियनों की केंद्रीय श्रम मंत्रालय को कुछ व्यक्तिगत शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि... (पूरी जानकारी लें )

श्रम मंत्रालय ने जारी किया आदेश अगर काटा वेतन तो सम्बंधित कंपनी के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही
श्रम मंत्रालय ने जारी किया आदेश अगर काटा वेतन तो सम्बंधित कंपनी के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

श्रम मंत्रालय ने जारी किया आदेश अगर काटा वेतन तो सम्बंधित कंपनी के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

कोरोना वायरस की वजह से पुरे देश में इस वक्त लॉक डाउन चल रहा है | लॉकडाउन की वजह से ज्यादा तर कर्मचारी घर बैठे काम कर रहे है | और सभी कर्मचारियों के वेतन को ले कर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है दरअसल ,कुछ कर्मचारियों,यूनियनों की केंद्रीय श्रम मंत्रालय को कुछ व्यक्तिगत शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि एक सरकारी कंपनी के लिए कांट्रैक्ट पर सेवाएं देने वाली उनकी कंपनी ने अब तक मार्च माह का वेतन अब तक कर्मचारियों को नहीं दिया गया है।

जब इस बारे में पूछा गया तो वजह पता चली कि लॉकडाउन के कारण मार्च  माह का वेतन रोके जा रहे अथवा एक हफ्ते का वेतन काट कर देर से दिए जा रहे । अब इस बाबत केंद्र सरकार लॉकडाउन के नाम पर कर्मचारियों तथा मजदूरों को मार्च का पूरा वेतन देने में आनाकानी करने वाली बैंकिंग व बीमा कंपनियों तथा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के साथ अनुबंध पर कार्य करने वाली इकाइयों और कांट्रैक्टर्स पर शिकंजा कसने की तैयारी में है । बतादे इस मामले में श्रम मंत्रालय की ओर से केंद्रीय श्रमायुक्त को केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आने वाली समस्त इकाइयों के बारे में शिकायतों पर कार्रवाई के आदेश दे दिया गए हैं।


दरअसल बैंकिंग एवं बीमा कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के अलावा एयरपोर्ट सेवाएं, सीमेंट, पेट्रोलियम, रेलवे, छावनी बोर्ड, प्रमुख पोर्ट, खदानें और ऑयल फील्ड, एयरलाइन जैसे नियंत्रित उद्योगों से संबंधित तथा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र आते हैं। ये उपक्रम तो आम तौर पर कर्मचारियों को लॉकडाउन की अवधि का विशेष अवकाश देकर मार्च का पूरा वेतन दे रहे हैं। परंतु इनके साथ अनुबंध पर कार्य करने वाली निजी क्षेत्र की कुछ कंपनियां अपने कर्मचारियों को वेतन देने में आनाकानी कर रही हैं।


कुछ सूत्रों के मुताबिक कार्यालय में श्रम मंत्री संतोष गंगवार के निर्देश पर विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है। दरअसल आमतौर पर कर्मचारियों में हर माह की 10 तारीख तक वेतन दे दिया जाता है। लेकिन कोरोना वायरस की वजह से हुवे लॉकडाउन के कारण इस बार 10 की जगह 15 अप्रैल तक मार्च माह का वेतन दिए जाने की छूट दी गई है। जारी किये गए निर्देश के अनुसार अगर 15 के  बाद भी शिकायते मिलती है तो सम्बंधित कंपनी पर जरुरी कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की घोषणा करने से पहले ही सभी कंपनियों से लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों का वेतन न काटने की अपील की थी। लेकिन इस अपील के बाद भी काफी शिकायते आ रही है की उनका वेतन अब तक नहीं मिला या तो काट के दिया जा रहा है | इसलिए श्रम मंत्रालय की ओर से केंद्रीय श्रमायुक्त को केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आने वाली समस्त इकाइयों के बारे में शिकायतों पर कार्रवाई के आदेश जारी किया गया हैं|