2019 की शिक्षकों भर्ती का इंतजार होगा ख़तम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ये है निर्देश

2019 के नए साल की शुरुवात होते ही उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों की भर्ती का एलान किया था उसे साथ ही पेपर भी हुए, ये भर्ती प्राथमिक विद्यालय के लिए थी।

2019 की शिक्षकों भर्ती का इंतजार होगा ख़तम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ये है निर्देश

 

पेपर टाइम पे तो हुआ पर इसके बाद सरकारी लापरवाही ने करीब 15 महीने का समय ले लिया। कई बार इसको लेकर प्रदर्शन भी हुआ और फिर बाद में कोर्ट को में जनहित याचिका के ज़रिये सुनवाई चल रही थी। करीब 22 बार अलग़ अलग तरीके से इस भर्ती को ले कर सुनवाई हुई। तो जानते है इस शिक्षकों भर्ती के बारे में और इसकी कहानी। 

उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 6 जनवरी 2019 को सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया। इससे पहले शासन द्वारा परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के 69000 पदों पर भर्ती किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा कराए जाने के लिए 1 दिसंबर 2018 को शासनादेश निकाला गया। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा 5 दिसंबर 2018 को सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा हेतु विज्ञप्ति दी गई। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 6 जनवरी 2019 को सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया।परीक्षा के बाद शासनादेश दिनांक 7 जनवरी 2019 द्वारा सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा हेतु न्यूनतम उत्तीर्णांक घोषित किया गया, जिसमें सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के संबंध में उत्तीर्णांक 65% अर्थात 97/150 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति हेतु उत्तीर्णांक 60% अर्थात 90/150 निर्धारित किया गया। और यही से इस भर्ती को लेकर लोगो में अलग अलग कई गुट बन गए और  परेशान होकर शिक्षा मित्रों द्वारा उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में याचिका दायर की गई। 

इलाहाबाद कोर्ट में सुनवाई का इतिहास 

सभी को एक साथ न्यायालय द्वारा 29 मार्च 2019 को याचीगण के पक्ष में निस्तारित की गई। सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2018 के न्यूनतम उत्तीर्णांक 40 और 45% के आधार पर परीक्षाफल घोषित किए जाने का निर्णय पारित किया गया। उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 29 मार्च 2019 के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद में विशेष अपील संख्या 207/2020 उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य बनाम मोहम्मद रिजवान व अन्य योजित की गई। उच्च न्यायालय द्वारा सरकार द्वारा आयोजित अपील के साथ आयोजित विशेष अपीलों को 06 मई को निस्तारित किया गया। शासनादेश दिनांक 7 जनवरी 2019 को नियमानुसार मानते हुए 60 एवं 65% न्यूनतम उत्तीर्णांक के आधार पर परीक्षा फल घोषित किए जाने का आदेश दिया गया

 

अब जाकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि कोर्ट के निर्णय के क्रम में एक सप्ताह के भीतर 69000 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्णय से शिक्षकों की भर्ती का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे प्रदेश के विद्यालय को योग्य शिक्षक मिलेंगे। कोर्ट के फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षक भर्ती के प्रकरण में राज्य सरकार का पक्ष और रणनीति सही थी।

आपको बता दें कि परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती 60-65 प्रतिशत अंकों के आधार पर तीन महीने के अंदर करने का आदेश हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बुधवार को जारी किया है। इसी के साथ हाई मेरिट पर भर्ती के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे अभ्यर्थियों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। 

हाईकोर्ट के आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के बाद शासन को भेजी जाएगी। शासन इसके कानूनी पहलुओं का अध्ययन करने के लिए न्याय विभाग को देगा। न्याय विभाग की सलाह मिलने पर शासन परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय को आवश्यक निर्देश देगा। उसके दो-तीन दिन बाद रिजल्ट जारी हो जाएगा। पहले अंतिम उत्तरकुंजी जारी होगी और अगले दिन परिणाम घोषित होगा। इस भर्ती के लिए विज्ञापन एक दिसम्बर 2018 को जारी किया गया था।