मोटापा होने से बढ़ सकता है कोरोना होने का खतरा |

कोरोना वायरस से पूरी दुनिया डरी हुई है। मीडिया में आये दिन इससे लेकर कोई न कोई नई बाते सामने आती है।

मोटापा होने से बढ़ सकता है कोरोना होने का खतरा |

शोधकर्ताओं का कहना-"मोटापा होने से बढ़ सकता है कोरोना होने का खतरा"

 कोरोना वायरस दुनिया के लिए नया  वायरस इसलिए लगातार इस पर रीसर्च जारी है अब खबर ये आ रही की एक रिसर्च में बताया गया की मोटापा होने की वजह कोरोना होने की संभावना बढ़ा सकती है। 

न्यूज़ 18 की खबर के मुताबिक ,एक अध्ययन में बताया गया है कि कोरोन वायरस सबसे ज्यादा 60 साल से अधिक उम्र वालों को अपनी चपेट में ले रहा है. हालांकि, मरीजों के बीच किए गए अध्ययन में यह भी पता चला है कि इसके बाद अगर किसी को खतरा है तो वह मोटे लोग है. शोध के मुताबिक 30 से 34 बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) वाले मरीजों के अंदर 30 से कम बीएमआई की तुलना में दोगुना खतरा है. ऐसे कोरोना मरीजों की 1.8 गुना अधिक सतर्कता से इलाज करने की जरूरत होती है.
अगर किसी का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 35 से अधिक है तो उनमें 2.2 गुना अधिक खतरा रहता है, जबकि​ उन्हें 3.6 गुना अधिक केयर की जरूरत होती है. बीएमआई एक व्यक्ति का वजन नापने का एक तरीका है. इसमें व्यक्ति की लंबाई और वजन की तुलना की जाती है.

न्यूयॉर्क के अस्पताल में भर्ती करीब 3615 मरीजों का अध्ययन किया गया. इसमें मरीजों के वजन के हिसाब से भी आंकड़े जुटाए गए थे. अध्ययन में पाया गया कि अस्पताल में भर्ती 21% लोग 30 से 34 बीएमआई के थे और 16% बीएमआई 35 से अधिक के थे. ​कुल मिलाकर 37% अधिक वजन वाले मरीज कोरोना पॉजिटिव थे, जिसमें से 12% को ज्यादा देखभाल की जरूरत थी. इस शोध को ऑक्सफोर्ड जर्नल में भी प्रकाशित किया गया है.
शोधकर्ताओं का कहना है कि मोटापे से ग्रस्त मरीजों में संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा होता है, क्योंकि उनकी प्रतिरोधी क्षमता की ज्यादातर ताकत शरीर में जमी अतिरिक्त चर्बी से होने वाले प्रदाह की मरम्मत में ही लग जाती है. अमेरिका में बड़ी संख्या में मौतों की यह बड़ी वजह बनकर उभरी है. ये अध्ययन एक मार्च से दो अप्रैल के बीच हुए और क्लीनिकल इनफेक्शियस डिसीज जर्नल में प्रकाशित हुए |