पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ने कोविड-19 की वैक्सीन बनाने की तैयारी कर ली है ,ट्रायल सफल रहा तो वैक्सीन सितंबर तक मार्किट में उपलब्ध हो जाएगी

कोरोना वायरस का वैक्सीन बनाने में पुरे दुनिया के देश लगे हुए है.ऐसे में भारत स्तीथ पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ने कोविड-19 वैक्सीन बनाने का काम कर रही है। पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ने प्रस्तावित टीके की कीमत करीब 1000 रुपये प्रति डोज रखने की योजना भी बना ली है . सीरम इंस्टीट्यूट इससे पहले डेंगू और न्यूमोनिया के लिए सस्ती और अच्छी वैक्सीन बना चुकी है.

पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ने कोविड-19 की वैक्सीन बनाने की तैयारी कर ली है  ,ट्रायल सफल रहा तो वैक्सीन सितंबर तक मार्किट में उपलब्ध हो जाएगी

अब वह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के नेतृत्व वाले कंर्सोर्शियम के साथ मिलकर कोविड-19 का टीका बनी रही है.यह कंसोर्शियम 23 अप्रैल से इंसानों पर इस टीके का ट्रायल शुरू कर चुका है. यह दुनिया में कोविड-19 के इलाज के लिए बना यह पहला प्रोजेक्ट है. दुनियाभर में कोविड-19 का टीका बनाने की कोशिश हो रही है.पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट इस वैक्सीन का निर्माण पुणे स्थित प्लांट से शुरू करेगी। अगर ट्रायल सफल रहा तो दवाई सितंबर-अक्टूबर के बीच में उपलब्ध हो जाएगी।

हालांकि, बिना ट्रायल सफल हुए कंपनी दवा का उत्पादन क्यों शुरू कर रही है? इस सवाल के जवाब में कंपनी की ओर से कहा गया कि कंपनी देश की मौजूदा स्थिति को देखते हुए एक बड़ा रिस्क ले रही है। इसलिए, ट्रायल और इसे बनाने की प्रक्रिया लगभग एक साथ शुरू करने जा रही है। अगर ट्रायल सफल रहा तो दवाई सितंबर-अक्टूबर के बीच में उपलब्ध हो जाएगी। इस वैक्सीन को कंपनी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर बनाएगी। दवा कंपनी सीरम दुनियाभर में सबसे अधिक टीके और उसके डोज बनाने के लिए जाने जाती है।

कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में बताया, 'हमें मई से भारत में ट्रायल शुरू कर देने की उम्मीद है। ट्रायल के सफल रहने पर सितंबर-अक्टूबर तक काफी संख्या में वैक्सीन तैयार हो जाएगी। हम भारत में एक हजार रुपए की अफॉर्डेबल कीमत पर इस वैक्सीन को तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।'