पीएम मोदी का देशव्यापी आह्वान जनाता कर्फ्यू पर बनारसियों का रहेगा समर्थन | ZNDM NEWS

विश्वव्यापी महामारी कोरोना वायरस से बचने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान 'जनता कर्फ्यू' का असर पूरे देश में दिखाई दे रहा है। सबसे पहले बता दें कि भारत में पिछले 1 दिन में कोरोना के 52 नए मामले सामने आए हैं जिससे पूरे देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 241 पर पहुंच गई है और पांच लोगों ने अपनी जान गवां दी है। बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए केंद्रीय सरकार की चिंता दुगुनी हो गई है जिसके मद्देनजर मुंबई समेत चार शहर बंद कर दिए गए हैं और कई शहर लॉकडाउन की कगार पर खड़े हैं।

विश्वव्यापी महामारी कोरोना वायरस से बचने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान 'जनता कर्फ्यू' का असर पूरे देश में दिखाई दे रहा है। सबसे पहले बता दें कि भारत में पिछले 1 दिन में कोरोना के 52 नए मामले सामने आए हैं जिससे पूरे देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 241 पर पहुंच गई है और पांच लोगों ने अपनी जान गवां दी है। बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए केंद्रीय सरकार की चिंता दुगुनी हो गई है जिसके मद्देनजर मुंबई समेत चार शहर बंद कर दिए गए हैं और कई शहर लॉकडाउन की कगार पर खड़े हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों में लोगों को एक दूसरे से दूर-दूर रहने का निर्देश जारी किया है जिसका पालन ना करने पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया है।साथ ही वाराणसी में लोगों ने अपने सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 'जनता कर्फ्यू' का पालन पहले से ही करना शुरू कर दिया है। वाराणसी में गत शुक्रवार से ही लोगों ने अनावश्यक बाहर निकलने से परहेज किया और घरों में आश्रय लेते नज़र आयेेे। वहीं मुस्लिम समुदाय के लोग उलमा-ए-करम के विशेष अपील पर घर से वजू बनाकर मोहल्ले के मस्जिद में पहुंचे और जुम्मे की नमाज़ अदा की।

वहीं वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने मोर्चा अपने कंधो पर लेते हुए खुद,एसएसपी प्रभाकर चौधरी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों संग सड़कों पर उतरें और 8 बजते ही सभी मॉल,रेस्टोरेंट, शोरूम, दुकानें, यहां तक कि चाय-पान के खोमचों तक को बंद करवाया। साथ ही जिलाधिकारी ने शुक्रवार को कैंप कार्यालय में सभी मजिस्ट्रेट, पुलिस क्षेत्राधिकारियों तथा QRT अधिकारियों के साथ बैठक करके रविवार को होने वाले '#जनता कर्फ्यू' से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले लिए। बैठक के दौरान डीएम ने जनता कर्फ्यू का सख्ती से पालन करने और उल्लंघन करने वाले पर कड़ी कार्यवाही करने का आदेश दिया।साथ ही स्कूलों ,दवाखानो आदि के नियमित जांच करवाए जायेंगे, सभी दुकानों,व्यापारिक प्रतिष्ठानों ,ठेले खोमचे इत्यादि को बंद करवाने की भी बात कही है। 

उन्होंने कहा कि इस दौरान रोगी वाहन,एंबुलेंस या  कोई जरूरी काम से बाहर निकले व्यक्ति को ही यात्रा करने की अनुमति होगी।वहीं वाराणसी के होटलों में रह रहे विदेशी पर्यटकों की पूरी जानकारी लेने और जानकारी न देने वाले होटलों पर छापेमारी कर सील करने का आदेश दिया गया है। इस दौरान होटलों में रह रहे विदेशियों को 14 दिनों तक कमरों तक सीमित रहने का भी आदेश है।यातायात ओर सख्ती करते हुए ऑटो व ई-रिक्शा से पर्दे हटाने और 4 से अधिक सवारी बैठाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। कोरोना के संक्रमण के मद्देनजर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर 24 मार्च तक बंद करने,सभी धार्मिक,आध्यात्मिक,सांस्कृतिक व मांगलिक कार्यों को 2 अप्रैल तक स्थगित करने जैसे महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए।

 इन सबके बीच लोगों की चिंता बढ़ाते हुए मौसम ने भी अपना रुख तेजी से बदलना शुरू कर दिया है।जी हाँ, वाराणसी में शनिवार सुबह से ही मौसम में भारी बदलाव देखा जा रहा है। बता दें की शनिवार सुबह ही अचानक आसमान में काले बादल छा गए और बूंदी-बांदी का सिलसिला शुरू हो गया। जिसके बाद पूरे दिन मौसम में निरंतर बदलाव होते रहें और कभी धूप तो कभी काले बादलों का सिलसिला बना रहा। मौसम की गतिविधियों से तापमान में भारी उतार-चढ़ाव होते रहें। ऐसे,मौसम के बदलते रुख से लोगों में सर्दी,जुखाम व बुखार जैसी समस्याएं होना लाजमी है जो कि इस भयंकर महामारी में 'कोढ़ में खाज' जैसी साबित हो सकती है। मौसम के ऐसे भीषण बदलाव के मद्देनजर जनता कर्फ्यू से पहले ही वाराणसी में कर्फ्यू जैसा माहौल दिखाई दिया।जहां ज्यादातर दुकानें सुबह से ही बंद पड़ी रही,सभी निजी कार्यालयों को स्थगित कर घर से काम जारी रखा गया,सड़को पर गाड़ियों की संख्या रोज के अपेक्षा कम हुई और लोगों ने भी घरों में रहना मुनासिब समझा।