निर्भया के साथ किये गए दुष्कर्म का अंत आज

आखिरकार वो दिन आ ही गया जिस दिन का लोग बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे | जी हाँ, आज दिनांक 20 मार्च 2020 को निर्भया के साथ किये गए दुष्कर्म का अंत पूरी तरह से हो गया | हम बात कर रहे हैं निर्भया गैंगरेप के दोषियों की जो पिछले कई सालों से कुछ न कुछ अड़ंगे लगाकर कानून की सजा से बचते जा रहे थे | देखा जाये तो उन्हें फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से उसी समय सजा दे देनी थी जब उन्होंने निर्भया के साथ ऐसा दुष्कर्म किया था किन्तु ऐसा संभव नहीं हो पाया |

निर्भया के साथ किये गए दुष्कर्म का अंत आज

निर्भया के साथ किये गए दुष्कर्म का अंत आज 

आखिरकार वो दिन आ ही गया जिस दिन का लोग बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे | जी हाँ, आज दिनांक 20 मार्च 2020 को निर्भया के साथ किये गए दुष्कर्म का अंत पूरी तरह से हो गया | हम बात कर रहे हैं निर्भया गैंगरेप के दोषियों की जो पिछले कई सालों से कुछ न कुछ अड़ंगे लगाकर कानून की सजा से बचते जा रहे थे | देखा जाये तो उन्हें फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से उसी समय सजा दे देनी थी जब उन्होंने निर्भया के साथ ऐसा दुष्कर्म किया था किन्तु ऐसा संभव नहीं हो पाया | लेकिन आज सच में हर एक बाप और हर एक माँ जरूर यह सोचकर खुश होंगे कि भले ही फैसला देर से आया लेकिन इन वहसी दरिंदो को सजा जरूर मिली | परन्तु यह इतना आसान नहीं था, उन्हें सजा दिलवाने के लिए निर्भया के माँ बाप ने पूरी कसर लगा दी जिसकी बदौलत आज देश भर के हर एक माँ बाप का ह्रदय शांति महसूस कर रहा होगा | 

हम बार-बार उस मंजर को याद नहीं दिलाना चाहते कि आखिर क्या हुआ था 16 दिसंबर 2012 को जिसने संपूर्ण भारत देश के लोंगो के दिलो में आग लगा दी थी, क्योकि यह एक ऐसी घटना है जिसके बारे में पूरी दुनिया को इसकी ख़बर है और ख़बर ऐसी कि पिछले वर्ष (2011) की अवधि की तुलना में महिला पर्यटकों में 35% की गिरावट आ गई | तो आप अच्छे से अनुमान लगा सकते हैं कि दुनिया का सबसे धार्मिक देश जो अपनी संस्कृति के लिए मशहूर हैं वहाँ लोग आने से किस तरह  घबरा रहें थें | 2012 से लेकर 2020 तक करीब 7 साल के ऊपर का समय बीत गया और इस अंतराल के अंतर्गत कई सारी सुनवाई हुई, कई जज बदले गए लेकिन सुनवाई का कुछ परिणाम नहीं निकला | अंततः आज वो दिन आ गया जब कानून ने फांसी के फैसले को स्थगित करने के हर फैसले को नामंजूर कर दिया और दुष्कर्मियों को उनके किये गए घिनौने कृत्य की सजा दी | 

हम भारत देश के हर एक पुरुष वर्ग से अनुरोध करते हैं कि जिस प्रकार वो अपने जीवन को बहुत महत्व देते हैं उसी प्रकार महिलाओं के महत्व और योगदान को समझें एवं ये भी सोचे की हमारा अस्तित्व उन्ही से है |सोच और मानसिकता ऐसी रखें जिससे आप भी अपने एवं अपने परिवार के जीवन को सुखमय बना सके, ऐसी मानसिकता बिलकुल नहीं जो आपको एक हैवान बना दे और हम सिर्फ इंसान की मानसिकता को दोष नहीं दे सकते हैं बल्कि कही न कही हमारे देश की न्याय पद्धति भी विलम्ब करके ऐसे दोषियों का हौसला बढ़ाती है अतः हमें अपने न्याय पालिका से अनुरोध करना चाहिए कि ऐसे कुकर्म का अवलोकन फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से करे, जिससे की दोषियों के अंदर उसका डर बना रहे |