महिलाओ के साथ 80 करोड़ गरीबों को राहत ,वित्त मंत्री का बड़ा फैसला

दूसरे राज्यों से आने वाले कामगारों और गरीबों के लिए एक पैकेज तैयार है। वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ये कदम यह तय  करेंगे कि इस लॉकडाउन के समय में देश में कोई गरीब भूखा ना सो पाए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सरकार के पास एफसीआई के गोदामों में कुल 58.49 मिलियन टन खाद्यान्न जमा है। इसमें से चावल 30.97 मिलियन टन है और गेहूं 27.52 मिलियन टन है।

महिलाओ के साथ 80 करोड़ गरीबों को राहत ,वित्त मंत्री का बड़ा फैसला
महिलाओ के साथ 80 करोड़ गरीबों को राहत ,वित्त मंत्री का आज बड़ा फैसला

महिलाओ के साथ 80 करोड़ गरीबों को राहत ,वित्त मंत्री का आज बड़ा फैसला

कोरोनावायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुवे देश में  इस वक्त कई अहम् कदम उठाए जा रहे है लेकिन इस वायरस का खतरा कम नहीं हो पा रहा और इस  संक्रमण को रोकने के लिए इस वक्त देश में 21 दिन का लॉकडाउन भी किया गया है।लेकिन इस लॉक डाउन की वजह से देश का वो गरीब वर्ग काफी परेशान व् घबराया है जिसे रोज कमाना व् खाना है जैसे दिहाड़ी मजदूर और  गरीब, किसान, गरीब महिला, सीनियर सिटीजन  | इस दौरान आम लोगों और खासकर गरीबों को परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  आज गुरुवार को तीन दिन में दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की है । इसमें उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले कामगारों और गरीबों के लिए एक पैकेज तैयार है। वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ये कदम यह तय  करेंगे कि इस लॉकडाउन के समय में देश में कोई गरीब भूखा ना सो पाए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सरकार के पास एफसीआई के गोदामों में कुल 58.49 मिलियन टन खाद्यान्न जमा है। इसमें से चावल 30.97 मिलियन टन है और गेहूं 27.52 मिलियन टन है। एक अप्रैल के आंकड़े के अनुसार, यह खाद्यान्न का भंडार 21 मिलियन टन की आवश्यक भंडार से कहीं अधिक है। उन्होंने बताया कि कुल 1.7 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का क्रियान्वयन तत्काल प्रभाव से होगा, और नकदी की मदद एक अप्रैल से मिलेगी।इस संकट के समय में कोई भूखा नहीं सोये इसलिए 1.7 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में उन्होंने 10 बड़े ऐलान किया है|


आइये जानते है क्या है वो 10 बड़े ऐलान जिससे मिलेगी देश की जनता को इस संकट में राहत

  • किसानों, के खातों में अप्रैल के पहले हफ्ते में सीधा पैसा डायरेक्ट कैश ट्रांसफर के तहत किसानो की 8.69 करोड़ रुपए तक की मदद दी जाएगी। और किसानों को पहली किश्त अप्रैल के पहले हफ्ते में जारी कर दी जाएगी | वित्त मंत्री सीतारमणका कहना है कि इसका फायदा  करीब 8.69 करोड़ किसानों काे मिलेगा।

 

  • महिला जनधन खाताधारकों को अगले तीन महीने तक 500 रुपए, 20 करोड़ , महिलाओं को फायदा वित्त मंत्री ने करीब 20.5 करोड़ महिलाओं के जन धन खाते में घर का खर्च चलाने के लिए अगले तीन महीने प्रति माह 500 रुपये  देने की घोषणा की है|

 

  • बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवाओं को अगले तीन महीने दो किश्तों में 1000 रुपए, तीन करोड़ लोगों को लाभ । गरीब सीनियर सिटिजंस, विधवाओं और दिव्यांगों को अगले तीन महीने प्रति माह दो किश्तों में 1,000 रुपये पेंशन दी जाएगी। यह उन्हें पहले से मिल रही पेंशन के अतिरिक्त होगी।

 

  • मनरेगा में बढ़ी मजदूरी- 182 से बढ़कर 202 रूपए प्रतिदिन वित्त मंत्री ने मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने का भी ऐलान किया है। मनरेगा की मजदूरी को 182 रुपये प्रति दिन से बढ़ाकर 202 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। और इसका फायदा करीब  5 करोड़ मजदूरों को होगा।

 

  • 80 करोड़ गरीबों को अगले 3 महीने 5 किलो चावल गेहूं 1 किलो दाल मुफ्त, अभी तक हर गरीब को हर महीने 5 किलो गेहूं या चावल मिल रहा था। अगले तीन महीने के लिए हर गरीब को अब 5 किलो का अतिरिक्त गेहूं और चावल मिलेगा। यानी कुल 10 किलो का गेहूं या चावल उसे मिल सकेगा। और साथ 1 किलो दाल भी मिलेगी।

  • हेल्थ वर्कर्स को 50 लाख का मेडिकल इंश्योरेंस कवर, कोरोनावायरस से निपटने में देश के हेल्थ वर्कर्स की अहम भूमिका को देखते हुए सरकार ने उन्हें अगले तीन महीने के लिए 50 लाख रुपए का मेडिकल इंश्योरेंस कवर देने का फैसला किया है।आप को आकड़ो के हिसाब से देश में 12 लाख डॉक्टर्स और 22 लाख हेल्थ वर्कर्स हैं।

   

  • ईपीएफ में पूरा योगदान सरकार देगी, 75% फंड निकाल सकेंगे, सरकार ने कर्मचारियों के लिए भी राहत भरी घोषणाएं की हैं। सरकार ने कर्मचारियों को अपने ईपीएफ अकाउंट से तीन महीने की सैलरी के बराबर या 75 फीसद रकम निकालने की अनुमति दी है। इसके अलावा वित्त मंत्री ने 100 से कम कर्मचारियों वाली छोटी कंपनियों के नियोक्ता और कर्मचारियों के पीएफ का हिस्सा तीन महीनों तक सरकार द्वारा वहन करने का ऐलान किया है। यानी ईपीएफ में पूरा 24% योगदान सरकार देगी। पीएफ फंड रेग्युलेशन में संशोधन किया जाएगा।आप को बता दे इसका फायदा देशभर के करीब  80 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और 4 लाख से ज्यादा संस्थानों कोहो सकता है

 

  • उज्ज्वला स्किम के तहत महिलाओं को मुफ्त सिलेंडर, जिन गरीब महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन मिले हैं, उन्हें अगले 3 महीने तक मुफ्त गैस सिलेंडर मिलेंगे।बता दे इसका फायदा गरीबी रेखा से नीचे जीने वाले 8.3 करोड़ परिवारों को मिलेगा , जिनके घर की महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिले हैं।

 

  • महिला सहायता समूहों को अब 10 लाख की जगह 20 लाख का कर्ज, स्वयं सहायता महिला समूहों से जुड़े परिवारों को पहले बैंक से 10 लाख का कॉलेटरल फ्री कर्ज मिलता था, अब इसको बढ़ा कर 20 लाख रुपए का कर्ज मिलेगा। और इससे करीब 7 करोड़ परिवारों को फायदा होगा  

 

  • कंस्ट्रक्शन सेक्टर, निर्माण क्षेत्र से जुड़े 3.5 करोड़ रजिस्टर्ड वर्कर, जो लॉकडाउन की वजह से आर्थिक दिक्कतें झेल रहे हैं, उन्हें भी मदद दी जाएगी। इनके लिए 31000 करोड़  का फंड रखा गया है ।


इससे पहले मंगलवार को सीतारमण ने मंत्रालय के अफसरों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी । उस वक्त फैसला लिया गया था की अगले तीन महीने तक किसी भी एटीएम से पैसे निकालने पर कोई चार्ज नहीं देना होगा।और साथ ही  बैंक खातों में मिनिमम बैलेंस रखने की शर्त को भी खत्म कर दिया गया