15 महीनों की उलटफेर के बाद शिवराज वापस - मध्यप्रदेश समाचार

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15 महीनों की उलटफेर के बाद शिवराज वापस - मध्यप्रदेश समाचार
15 महीनों की उलटफेर के बाद शिवराज वापस - मध्यप्रदेश समाचार

15 महीनों की उलटफेर के बाद शिवराज वापस

मध्यप्रदेश में चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का इतिहास रचते हुए शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार रात राजभवन में आयोजित साधारण समारोह में कोरोना के खतरे के चलते अकेले मौजूद होकर पद ग्रहण किया।इस अवसर पर राज्यपाल लालजी टंडन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।बता दें कि कोरोना के कहर के मद्देनजर राजभवन में  साधारण से समारोह आयोजित किया गया और निर्धारित तिथि (25/3/20) से 2 दिन पहले ही शिवराज सिंह चौहान को प्रदेश की कमान सौंपी गई। बता दें कि पिछले कई महीनों से मध्य प्रदेश के गठबंधन सरकार में कई गतिविधियां हुई।सबसे पहले कांग्रेस के 22 विधायकों ने बगावत कर सदस्यता से इस्तीफा दिया। जिसके बाद कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी।फिर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने भी 20 मार्च को पद से इस्तीफा दे दिया जिसके बाद उन्हें केंद्र सरकार ने कार्यवाहक के तौर पर काम करने के निर्देश दिए।और अब लगभग 15 महीने विपक्ष में खड़े होने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष में हो रहे उलटफेर का सद उपयोग करते हुए 107 सीटों के बहुमत के साथ मध्य प्रदेश की कमान भाजपा के शिकंजे में ली। साथ ही बता दे कि देश में पहली बार कोरोना वायरस के मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विधायक दल का नेता चुना गया।जहाँ विधायक दल की बैठक का संचालन दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय पर्यवेक्षक और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह व मध्य प्रदेश प्रभारी डॉ विनय सहस्त्रबुद्धे ने किया।

आज हुआ बहुमत साबित-
वहीं आज मंगलवार को शिवराज सिंह चौहान ने सदन में उपस्थित होकर अपना बहुमत साबित किया।इस दौरान कांग्रेस के एक भी विधायक सदन नहीं पहुंचे इसलिए शिवराज ने सर्वसम्मति से विश्वासमत जीत लिया।इसके साथ ही सभी विधायकों ने विश्वास मत प्रस्ताव को 'हां' कह कर पारित कर दिया।वहीं बसपा के दो,सपा के एक और दो निर्दलीय विधायकों ने सदन में उपस्थित होकर शिवराज सिंह को समर्थन दिया।अंत ने विधानसभा सत्र 27 मार्च तक स्थगित किये जाने का फैसला लिया गया।