लॉकडाउन का असर बिना खर्च के काशी में गंगा हुई काफी स्वच्छ |

कोरोना वैश्विक महामारी की वजह से देश में लाकडाउन चल रहा है और लोगो को इस वजह से काफी परेशानी भी हो रही है लेकिन इस बिच काशी में मां गंगा का निर्मल स्वरूप अब जा कर सामने आ रहा है। गंगा का पानी अब काफी साफ़ हो गया है कल-कल करती गंगा धारा बह रही है| यह सब लॉकडाउन का असर है। दरअसल

लॉकडाउन का असर बिना खर्च के काशी में गंगा हुई काफी स्वच्छ |

लाकडाउन की वजह से अभी सभी फैक्ट्रियां बंद है इस वजह से वैध व अवैध फैक्ट्रियों का दूषित जल नालों के माध्यम से गंगा में अभी नहीं जा रहा है जो साथ ही अभी पूजा सामग्री भी पानी में विसर्जित नहीं की जा रही है|  

लॉकडाउन के ही कारण रामनगर से राजघाट तक गंगा जल की शुद्धता बढ़ी है। इसके साथ ही जलीय जीव-जंतुओं की संख्या भी बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि उनकी टीम ने विश्व सुंदरी पुल (रामनगर के पास) और सराय मोहना (राजघाट के निकट) के पास पानी के नमूने एकत्र कर के उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रयोगशाला में उसका परिक्षण किया गया। कालिका सिंह ने बताया कि गुरुवार को सराय मोहना के पास पीएच 8.67 व डीओ 9.5 था जबकि विश्व सुंदरी पुल के पास पीएच 8.54 और डीओ 10.4 था | नेशनल जियोग्राफिक सोसाइटी भी अलग से गंगा में प्लास्टिक द्वारा होने वाले प्रदूषण की जांच कर रही है।इस टीम में 15 वैज्ञानिक और इंजीनियर शामिल हैं।

बतादे कॉमन कार्प, सिल्वर कॉर्प, ग्रास कॉर्प प्रजाति की मछलियों की संख्या बढ़ी है। इसके साथ ही भारतीय वन्य जीव संस्थान की एक टीम अभी कुछ  जलीय जंतु के ऊपर सर्वे कर रही हैऔर उनकी रिपोर्ट  इस साल के अंत तक आने की संभावना बताई जा रही है । बतादे जल प्रवाह को भी एक कारण माना जा रहा है जिससे गंगा आज इतनी स्वच्छ नजर आ रही है। और पानी का जल स्तर भी बढ़ा है। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है जिस दिन गंगा में सीधे गिरने वाले नाले बंद हो जाएंगे उस दिन गंगा जल 100 प्रतिशत शुद्ध हो जाएगा। ख़ैर लॉकडाउन में किसी को कुछ फायदा हुवा हो या नहीं लेकिन कम से काम काशी की पहचान गंगा आज काफी स्वच्छ है | पीएम मोदी ने करोडो रूपए खर्च किये गंगा को स्वच्छ करने में लेकिन आज बिना खर्च के गंगा काफी स्वच्छ है |