काशी में शिव शक्ति की रंगभरी परम्परा | काशी रंगभरी एकादशी | वाराणसी समाचार - ZNDM NEWS |

भोले की नगरी काशी में रंगभरी एकादशी मां पार्वती के स्वागत के रूप में  मनाई जाती है जिसका होली के त्यौहार में विशेष महत्व है।बता दें कि काशी में फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रंगभरी एकादशी के रूप में मनाया जाता है जब 300 से अधिक वर्ष पुरानी मां गौरा के गौना की परंपरा का निर्वहन होता है।

भोले की नगरी काशी में रंगभरी एकादशी मां पार्वती के स्वागत के रूप में  मनाई जाती है जिसका होली के त्यौहार में विशेष महत्व है।बता दें कि काशी में फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रंगभरी एकादशी के रूप में मनाया जाता है जब 300 से अधिक वर्ष पुरानी मां गौरा के गौना की परंपरा का निर्वहन होता है।इस दिन बाबा को दूल्हे ओर मा गौरा को दुल्हन के रूप में सजाया जाता है।

मान्यताओं के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की बसंत पंचमी पर बाबा का तिलक किया जाता है जिसके बाद महाशिवरात्रि पर मां पार्वती संग महादेव के विवाह की परम्परा निभाई जाती है।जिसके बाद मां गौरा मायके जाती है।तत्पश्चात रंगभरी एकादशी के पूर्व बाबा अपने गढ़ों के साथ माता को विदा कराने अपने ससुराल पहुंचते हैं।जिसके बाद रंगभरी एकादशी पर भोलेनाथ, मां गौरा का गौना कराकर पहली बार अपनी नगरी काशी ले आते हैं।

पौराणिक काल से चल रही इस अद्भुत परंपरा का काशीवासी पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ निर्वाहन करते हैं साथ ही काशी में रंगों की शुरुआत रंगभरी एकादशी पर बाबा पर रंग गुलाल अर्पित करने के साथ ही शुरू होती है।काशी में,आज के दिन बाबा विश्वनाथ मां पार्वती के साथ परम पूज्य गणेश की रजत प्रतिमा को एक साथ सिहासन में विराजमान किया जाता है,जिसके उपरांत पालकी में बिठाकर काशी की संकरी गलियों में बाबा विश्वनाथ और मां पार्वती की प्रतिमा घुमाई जाती है जिस दौरान काशीवासी अपने आराध्य बाबा विश्वनाथ और माँ गौरा की पालकी पर जमकर गुलाल अबीर की बरसात करते हैं।मानो पूरा काशी रंगों से नहां उठा हो।और फिर शिव शक्ति की पावन प्रतिमा को आसन पर विराजमान कर दिया जाता है।

पंचांग के अनुसार इस वर्ष रंगभरी एकादशी 5 मार्च सुबह 5:52 से शुरू होकर अगली सुबह 6:51 तक रही जिस दौरान गौरा पार्वती के गौना की परंपरा विधिवत निभाई गई। बाबा की पालकी टेढ़ी नीम स्थित महंत आवास से उठकर काशी के विभिन्न रास्तों से होते हुए काशी विश्वनाथ धाम पहुंची जिस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन को उमड़ पड़ी और जमकर रंग- गुलाल अर्पित कर बाबा और मां पार्वती का स्वागत किया।इस दौरान पालकी यात्रा रूट पर पुलिस प्रशासन भारी संख्या में मौजूद रहे ताकि यात्रा में किसी भी प्रकार का अवरोध ना आए।