जयपुर के डॉक्टर ने कोरोना वायरस का इलाज ढूंढा | कोरोनावायरस

 जयपुर के एसएमएस के डॉ. प्रकाश केसवानी ने बताया की जब पूरी दुनिया में कोरोनावायरस फैलने और इसकी चपेट में लाखों लोगों के आने की खबरें आ रहीं थीं, तो उस वक्त सपने में भी नहीं सोचा था कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर में भी कोरोनावायरस के मरीज के इलाज करने की जिम्मेदारी मिलेगी।

कोरोना वायरस पूरे विश्व में एक गंभीर मुसीबत बन चुका है | अब तक कोरोना वायरस की कोई सही दवा भी नहीं बन पाई है | लेंकिन इन सबके बीच बड़ी ख़बर राजस्थान से आई है | जहां कोरोना वायरस पीड़ित तीसरा मरीज़ भी अब ठीक हो गया है | दरसल जयपुर में कोरोना वायरस के चार पॉजिटिव मरीजों में से दो मरीज स्वस्थ हो गए है और अब उन्हें मंगलवार को एसएमएस अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया है।

आप को बता दे इन मरीजों में 85 साल का जयपुर का शख्स और एक 70 साल की इटैलियन महिला शामिल है। ये किडनी फेल्योर के मरीज़ हैं और उनकी ताज़ा रिपोर्ट नेगेटिव आई है. इन सभी हाई रिस्क मरीज़ों का H1N1, मलेरिया और HIV से जुड़ी दवाओं से डॉक्टरों ने इलाज किया जो कामयाब रहा.दरसल दवाओं के इस्तेमाल से वायरस के बढ़ने की दर घटती हुई पाई गई अब इसके बाद डॉक्टरों ने 24 साल के अन्य पीड़ित को भी वही दवा देना शुरू कर दिया है
 जयपुर के एसएमएस के डॉ. प्रकाश केसवानी ने बताया की जब पूरी दुनिया में कोरोनावायरस फैलने और इसकी चपेट में लाखों लोगों के आने की खबरें आ रहीं थीं, तो उस वक्त सपने में भी नहीं सोचा था कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर में भी कोरोनावायरस के मरीज के इलाज करने की जिम्मेदारी मिलेगी। उन्होंने बता की कुछ वक्त पहले एसएमएस अस्पताल में एक मरीज की जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई, उसमें कोरोनावायरस के लक्षण मिले। मैने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी के साथ मिलकर वैश्विक स्तर की गाइडलाइन के आधार पर उसका इलाज करना शुरू किया। इसके लिए हमने कई बीमारियों और उनके इलाज का अध्ययन किया।

डॉ प्रकाश केसवानी ने बताया की हमें लगा कि Coronavirus से लड़ने की क्षमता एचआईवी ड्रग्स में भी होती है और हमने उसे देने का फैसला किया. इसके अलावा क्लोरीन का भी हमने इस्तेमाल किया जिसका रिजल्ट काफी अच्छा आया और तीनों मरीज अब ठीक हो चुके है | अब आगे देखना है की ये दवा आगे कितनी कारगर साबित होगी आज की खबर में बस इतना है हम अपने अगले वीडियो  में बताएंगे कौन है  डॉ. प्रकाश केसवानी