शिक्षा मंत्री निशंक ने बताया, अब बदलेंगे स्कूल में क्लास में बैठने और पढ़ना का तरीका

देश भर में लगे लॉकडाउन के चलते सभी स्कूल कॉलेज को बंद कर दिया है। जिसकी वजह होने वाली परीक्षाएं को भी रद्द कर दिया गया है। लेकिन अब जैसा की लग रहा है की कोरोना से जंग लम्बी चलने वाली है और इस से जल्दी निजात नहीं मिलेगा।इसलिए इस समस्या को देखते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने लॉकडाउन के बाद स्कूल में क्लासेज कैसे लगे उसका सुझाव रखा है......

शिक्षा मंत्री निशंक ने बताया, अब बदलेंगे स्कूल में क्लास में बैठने और पढ़ना का तरीका

लॉकडाउन खत्म होने के बाद स्कूलों की क्लासेज़ का नज़ारा और उनके काम करने का तरीका बदला हुआ हो सकता है | क्लासेज में छात्रों के बैठने का तरीका यानी सीटिंग अरेंजमेंट और पढ़ाई के समय में बदलाव हो सकता है | एक ही कक्षा को कई सेक्शन में भी तोड़ा जा सकता है ताकि सोशल डिस्टेंसिंग को मेनटेन किया जा सकता | इस बात की सूचना केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने गुरुवार को टीचर्स के साथ एक लाइव सेशन के दौरान दी |

सोशल डिस्टन्सिंग का ख्याल रखते हुए बस एक तिहाई छात्र ही क्लास में बैठेंगे 

यही नहीं स्कूल के बसों में भी सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने पर पूरा ध्यान दिया जाएगा | उन्होंने कहा कि इस बात की पूरी संभावना है कि पहले की तुलना में केवल 30 फीसदी छात्रों को ही एक क्लास में पढ़ाया जा सकेगा | इस पर एनसीईआरटी के साथ मिलकर काम किया जा रहा है | साथ  ही उन्होंने ये भी कहा कि एनसीईआरटी स्कूलों को खोलने के लिए नए सिस्टम पर काम कर रही है जबकि यूजीसी उच्च शिक्षा संस्थानों में इसे लागू करने पर काम कर रहा है |

हालांकि, यूजीसी ने तो कह दिया है कि अगस्त में कॉलेज यूनिवर्सिटी का नया सत्र शुरू होगा लेकिन स्कूलों के लिए अभी तक कोई तारीख तय नहीं हुई है | शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा हमारी सबसे पहली चिंता है | स्कूलों को खोलने से पहले कुछ मानकों को अपनाना होगा |

सीबीएसई की टीचर्स के बारे में भी शिक्षा मंत्री ने इस सेशन में जवाब दिया | उन्होंने कहा कि जिस टीचर को कॉपियां चेक करने के लिए नियुक्त किया जाएगा उसके पास नए सत्र की तैयारी से जुड़े काम नहीं होंगे | उन्हें इन कामों से छूट दी जाएगी |