कैबिनेट का बड़ा फैसला - PM-Kisan Scheme के तहत किसानो को आधार सीडिंग में मिलेगी ढील

कोरोना वायरस हुए नुकसान को पूरा करने में सरकार हर संभव प्रयाश कर रही है। कशकर किसानो को कोई नुकसान न हो इसका पूरा प्रयाश केंद्रे सरकार कर रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत असम एवं मेघालय राज्यों और जम्मू-कश्मीर और लद्वाख केंद्र शासित प्रदेशों के लाभार्थियों को उन्हें लाभ जारी किए जाने के लिए डेटा की आधार सीडिंग की अनिवार्य आवश्यकता में 31 मार्च, 2021 तक ढील देने को अपनी मंजूरी दे दी है

कैबिनेट का बड़ा फैसला - PM-Kisan Scheme के तहत किसानो को आधार सीडिंग में मिलेगी ढील

जानिए किसको मिली  रियायत

1 दिसंबर, 2019 से असम एवं मेघालय राज्यों तथा जम्मू एवं कश्मीर और लद्वाख केंद्र शासित प्रदेशों के मामलों को छोड़कर, जिन्हें बेहद मामूली आधार पैठ के कारण इस आवश्यकता से 31 मार्च, 2020 तक रियायत दी गई है, लाभ की राशि केवल पीएम-किसान पोर्टल पर राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा अपलोड किए गए लाभार्थियों के आधार सीडेड डेटा के जरिये ही जारी की जाती है.ऐसा आकलन किया गया है कि असम एवं मेघालय राज्यों तथा जम्मू एवं कश्मीर और लद्वाख केंद्र शासित प्रदेशों के लाभार्थियों के डेटा की आधार सीडिंग के कार्य को पूरा करने में अभी बहुत अधिक समय लगेगा और अगर डेटा की आधार सीडिंग की अनिवार्य आवश्यकता में ढील को और विस्तार न दिया गया तो इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लाभार्थी 1 अप्रैल, 2020 के बाद से इस स्कीम का लाभ उठाने में सक्षम नहीं हो पाएंगे| 

PM-Kisan Scheme 24 फरवरी, 2019 को लॉन्च की गई थी. इस स्कीम का उद्देश्य देश के सभी किसानों परिवारों आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है. इस स्कीम के तहत, 6000 रुपये प्रति वर्ष की राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में चार-चार महीने पर 2000 रुपये तीन किस्तों में जारी की जाती है. यह योजना 1 दिसंबर, 2018 से प्रभावी है.

इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में लाभार्थी किसानों की कुल संख्या, जिन्हें 8.4.2020 तक कम से कम एक किस्त का भुगतान किया गया है, असम में 27,09,586 लाभार्थी हैं, मेघालय में 98,915 लाभार्थी हैं और लद्वाख सहित जम्मू एवं कश्मीर में 10,01,668 लाभार्थी हैं.