गोरखपुर के मजदूर की दिल्ली में हुई मौत, सीएम योगी ने गरीब का शव उसके घर पहुंचवाया

गोरखपुर के रहने वाले एक मजदूर की दिल्ली बीमारी में मौत हो गई। दिल्ली प्रशासन ने मजदूर के परिवार तक खबर पहुंचाई, लेकिन आर्थिक हालात खराब होने और पैसे की कमी की वजह से दिल्ली सरकार ने गरीब का शव गोरखपुर नहीं पहुंचाया| मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने पुरे मामले पर संज्ञान लिया |

गोरखपुर के मजदूर की दिल्ली में हुई मौत, सीएम योगी ने गरीब का शव उसके घर पहुंचवाया
पत्नी पूनम और बच्चे

 

सीएम ने लॉकडाउन में राज्य के लोगों के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए अधिकारी से बात कर शव को घर लाने में असहाय सुनील के परिवार के साथ  खड़े हो गए हैं। जिसके बाद उन्होंने गोरखपुर के डीएम व अफसरों को आदेश दिया है कि मज़दूर के शव को गोरखपुर पहुंचाया जाए और साथ ही उसके परिवार की आर्थिक सहायता की जाए।

गोरखपुर के चौरीचौरा के डुमरी खुर्द गांव का निवासी सुनील दिल्ली में मजदूरी करता था। गांव में उसकी पत्नी पूनम और बच्चे रहते हैं। बीते 11 अप्रैल को सुनील की तबीयत खराब हुई थी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने उन्हें हिंदू राव अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सफदरगंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने एहतियातन सुनील की कोरोना जांच भी कराई लेकिन रिपोर्ट निगेटिव थी। सफदरजंग में इलाज के दौरान 14 अप्रैल को सुनील ने दम तोड़ दिया। इस बीच परिवार के किसी सदस्य से सुनील की फोन पर भी बात नहीं हो पायी, क्योंकि उनका फोन घर पर ही छूट गया था। मौत के बाद जब पुलिस ने उनके कमरे से उनका फोन लेकर उसे चार्ज किया तो सुनील की पत्नी का फोन आने पर उनकी बात हो पायी। पति की मौत की खबर सुनकर पत्नी बेसुध हो गई और रोने लगी। दिल्ली पुलिस ने पत्नी से शव ले जाने की बात कही तो उसने बेबसी जाहिर की। इस बीच बेबस और लाचार पत्नी ने एक साल के बेटे से गोरखपुर में सुनील का पुतला बनाकर उसे मुखाग्नि दी और तहसीलदार के जरिए यह संदेश भिजवाया की पुलिस सुनील का अंतिम संस्कार कर दे और किसी तरह पति की अस्थियां घर भेजे जाने का भी अनुरोध किया, क्योंकि वह शव लाने में असमर्थ हैं। यह खबर जैसे ही मुख्यमंत्री योगी को पता चली, उन्होंने इसका संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारी से बात कर पूरे  मामले की जानकारी ली और गोरखपुर के डीएम से सुनील के शव को गोरखपुर उसके परिवार तक पहुंचाने तथा उनकी आर्थिक मदद का इंतजाम करने को कहा। सीएम के आदेश के बाद प्रशासन हरकत में आ गया|

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद मिलेगी मदद

सुनील की पत्नी पूनम ने मंगलवार को एसडीएम अर्पित गुप्ता एवं तहसीलदार रत्नेश त्रिपाठी से मुलाकात की। उसने गुजारे के लिए आर्थिक मदद के साथ आवास, विधवा पेंशन एवं बच्चों के पढ़ाई के लिए व्यवस्था कराने की गुहार लगाई। तहसीलदार ने बताया कि पत्नी ने सुनील का दिल्ली में अंतिम संस्कार कराकर दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल जनसहयोग से उसके खाते में 76500 रुपए जमा करा दिए गए हैं।